हिमाचल प्रदेश: शिमला में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित

राजधानी शिमला में बर्फबारी के दूसरे दिन भी धूप खिले होने के बावजूद भी दोपहर 12 बजे तक जन जीवन सामान्य नहीं हो पाया। रास्तों पर फिसलन होने के कारण लोग फिसल कर गिरते पड़ते रहे। वहीं ऊपरी शिमला के लिए कुफरी नारकंडा, ठियोग में यातायात बहाल नहीं हो पाया है। जिस कारण लोगों का शहर पहुंचना मुश्किल भरा हो गया है। राजधानी शिमला से पर्यटकों ने सुबह ही कुफरी की ओर रुख किया। लेकिन ढली से छराबड़ा तक सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण फिसलन बनी रही और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मजदूरों से 500 से 1000 रुपये वसूले

मजदूरों ने बर्फ में फंसी गाड़ियों को निकालने के लिए 500 रुपये से 1000 रुपये वसूले। पर्यटन स्थलों में ढाबों में भी लूट का बाजार गर्म हो गया। 15 रुपये की चाय बिकी जबकि परांठा 30 रुपये में मिला। लेकिन मजबूरी में पर्यटकों को दाम अदा करने पड़े।

शहर में नहीं मिला पानी

राजधानी शिमला में बर्फबारी के कारण पानी की पाईपें जाम हो गई। जिस कारण लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा। लोगों ने बर्फ को पिघलाकर काम चलाया।

आपात सेवाएं रात को ही हो गई बहाल

राजधानी शिमला में अस्पतालों के रास्तों से रात को ही बर्फ हटा दी गई थी जिस कारण आपात सेवाओं पर बर्फबारी का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लेकिन पैदल चलने वालों के लिए सोमवार को भी बर्फ मुसीबत बनी रही और लोग गिरते पड़े अपने गंतव्य तक पहुंचे।

बिजली सुबह से गुल

राजधानी शिमला के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही बिजली गुल रही। लोग कड़ाके की ठंड में बिना हीटर के दिन गुजारने को मजबूर हुए।