नामुमकिन को किया मुमकिन, भारत को बनाना है 10 खरब डॉलर की इकोनॉमीः मोदी

नया भारत बनाने के जोर के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भारत को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर काम कर रही है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हमने 2014 के बाद से व्यापार करने के लिए देशवासियों के सहयोग से कई नामुमकिन कामों को मुमकिन करके दिखाया।
सुधरी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले कहा जाता था कि भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग को सुधारना नामुमकिन है, लेकिन आज भारत देश की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ग्लोबल कंपिटिटीव इंडेक्स में भारत 2013 में 65वें स्थान पर था, जो 2017 पर 14वें स्थान पर पहुंच गया। भारत की करीब-करीब सभी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और सूचकांकों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
कम हुई महंगाई, घट गया व्यापार घाटा
मोदी ने कहा कि इन साढे़ चार सालों में महंगाई दर से लेकर व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा काफी कम हो गया है। यह इसलिए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है। पहले कि सरकारें केवल भ्रष्टाचार पर ध्यान देती थीं।

2014 में औसत विकास दर 5 फीसदी हुआ करती थी और महंगाई औसतन 10 फीसदी हुआ करती थी। लेकिन 2014-19 में औसत विकास दर 7 प्रतिशत रही, वहीं महंगाई दर भी 4.5 फीसदी से भी कम हो गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद से पहली बार औसत विकास इतनी ज्यादा और औसत महंगाई इतनी कम होगी। ऐसी परिस्थिति अब तक के किसी भी सरकार के मुकाबले पहली बार बनी है।
भारत है व्यापार राष्ट्र
मोदी ने कहा कि भारत एक व्यापार करने वाला राष्ट्र है, न कि राजनीति करने वाला या फिर सैन्य राष्ट्र है। 130 करोड़ की आबादी ही इस देश की सबसे बड़ी ताकत है।