नीरव मोदी को नहीं मिली जमानत, भीड़भरी जेल में काटी होली की रात

धोखाधड़ी और मनी लांडरिंग के आरोप में नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया है। उसने गुरुवार को अपनी होली इंग्लैंड की सबसे भीड़ वाली जेल में ही बिताई। बुधवार को अदालत ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसकी वजह से उसे लंदन के साउथ-वेस्ट स्थित हर मैजस्टी प्रिसन वांड्सवर्थ जेल में होली की रात बितानी पड़ी। अदालत ने उसे फ्लाइट रिस्क (ट्रायल या जमानत पर सुनवाई के पहले देश छोड़कर भाग जाने का अंदेशा) करार दिया गया है और 28 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

नीरव को लंदन के एक बैंक से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह वहां पर खाता खुलवाने की कोशिश कर रहा था। नीरव को उम्मीद थी कि उसे अलग सेल में रखा जाएगा लेकिन इसके उलट उसे भीड़भाड़ वाले सेल में रखा गया। इसका मतलब यह है कि उसे किसी और कैदी के साथ रहना पड़ा। इस समय जेल में कुल 1,430 पुरुष कैदी मौजूद हैं। एक व्यक्ति के लिए बने सेल में कई बार दो लोगों को रखा जाता है।

2018 में वांड्सवर्थ के हुए निरीक्षण में कहा गया था कि यहां शौचालयों की स्थिति खराब है और कैदियों को सेल से बाहर जाने का बहुत कम समय मिलता है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रत्यर्पण अनुरोध पर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसके खिलाफ सोमवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद नीरव को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में बुधवार को चीफ मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। 

ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार करते हुए 29 मार्च तक हिरासत में भेज दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी। इस बीच नीरव मोदी को जेल में ही रखा जाएगा। उसकी गिरफ्तारी को भारत सरकार के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इसके बाद यह उम्मीद जगी है कि उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। नीरव जनवरी, 2018 में भारत से फरार हो गया था।

भारत सरकार नीरव का पासपोर्ट रद्द कर चुकी है। फरार होने के कुछ महीने बाद से ही वह ब्रिटेन में रहा है। भारत ने पिछले साल अगस्त में ब्रिटेन सरकार से 48 वर्षीय नीरव को प्रत्यर्पित करने की मांग की थी। हाल ही में उसे लंदन की सड़कों पर बेखौफ घूमते देखा गया था।