हथियारबंद आतंकी देखे जाने की सूचना पर सुरक्षा कड़ी

जम्मू संभाग का किश्तवाड़ जिला इन दिनों आतंकी गतिविधियों के लिए फिर सुर्खी में रहता है। ताजा मामले में सोमवार को सोशल मीडिया कथित रूप से सीआईडी की रिपोर्ट वायरल हुई है, जिसमें बताया जा रहा है कि 1 जून को दिन में करर्थ पाडर से डूल के रास्ते में दो आतंकी घुसे। करीब छह फुट लंबे कद के दो हथियार बंद संदिग्धों के किश्तवाड़ के लिए आते देखा गया है। इस सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सुरक्षा जांच कड़ी कर दी ई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस तरह की सूचनाओं को रुटीन की बात बताई। दरअसल, सामने ईद है और किश्तवाड़ इन दिनों संवेदनशील है। ऐसी स्थिति में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को और चौकन्नी कर दी है। नाकों पर वाहनों व आम लोगों की पहचान करने के बाद ही छोड़ा जाता है।
गौरतलब है कि सात माह पूर्व 1 नवंबर 2018 को भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इन हत्याओं के पीछे आतंकियों का हाथ बताया जा रहा है, जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। हत्यारों की तलाश जारी है।
इसके बाद इसी वर्ष आठ मार्च की देर शाम को ड्यूटी से लौटते समय जिला उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा के अंगरक्षक दिलीप कुमार की सर्विस रायफल लूट लिया गया। फिर नौ अप्रैल की सुबह जिला अस्पताल में आरएसएस नेता व अस्पताल कर्मचारी चंद्रकांत शर्मा और उनके अंगरक्षक राजेंद्र कुमार की भी निर्मम हत्या कर दी गई। इसमें तो साफ हो गया है कि इस हत्या को अंजाम देने वाले आतंकी ही हैं।
किश्तवाड़ में सक्रिय आतंकियों का होगा खात्मा
डीजीपी दिलबाग सिंह ने भी कहा कि किश्तवाड़ जिला में एक बार फिर से आतंकियों का पुनर्जन्म हुआ है। उन्होंने माना कि किश्तवाड़ में आतंकी सक्रिय हैं, परंतु जल्दी ही उनका खात्मा कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किश्तवाड़ में जितनी भी घटनाएं हुई, उनमें अपराधियों की पहचान कर ली गई है। पुरानों के साथ-साथ कुछ नए आतंकियों को भी जल्दी ठिकाने लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में सीसीटीवी लगाना बहुत ही अनिवार्य हो गया है। इसके लिए बात चल रही है।