जम्मू-कश्मीरः अल्पसंख्यक मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपी रिपोर्ट, घाटी का दौरा कर सकते हैं नकवी

जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले अल्पसंख्यक मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया है। साथ ही हुनर हाट जैसी विकास परियोजनाओं को लेकर भी विचार किया गया है।   बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सचिव शैलेश की अगुवाई में छह सदस्यीय टीम दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर गई थी। समिति ने जम्मू और लेह का भी दौरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी 10 सितंबर के बाद कभी भी कश्मीर का दौरा कर सकते हैं।

सचिव शैलेश के अलावा टीम में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की संयुक्त सचिव निगार फातिमा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त प्राधिकरण की चेयरमैन एवं प्रबंधक निदेशक शाहबाज अली, सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सचिव एसएएस नकवी शामिल रहे। श्रीनगर पहुंचने के बाद शैलेश ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की और संभाग में अल्पसंख्यकों के कल्याण ओर युवाओं के सामाजिक आर्थिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

राज्यपाल ने इस दौैरान जम्मू-कश्मीर के त्वरित विकास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं में कौशल विकास की जरूरत जताई ताकि बाजार में रोजगार की जरूरतों के अनुसार युवा वर्ग कुशल बने।

इस बीच नकवी ने दिल्ली में कहा कि कश्मीर गई टीम वहां विकास की संभावनाएं तलाशेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मंत्रालय का फोकस जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बड़े पैमाने पर विकास की संभावनाओं को तलाश कर उन पर काम करने का है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम से भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास होगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों में मुस्लिम, बौद्ध, सिख हैं और यहां अल्पसंख्यक मंत्रालय की भूमिका बढ़ जाती है।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी