काव्य संग्रह 'शब्दों की परछाइयां' का हुआ विमोचन

सामाजिक ताने-बाने को प्रभावी ढंग से पेश करती कविताएं - डॉ. आहलूवालिया 
चंडीगढ़  । स्टेट समाचार। विनोद कुमार । 
चंडीगढ़ : प्रसिद्ध कवियत्री नीरू मित्तल 'नीर' के नव प्रकाशित काव्य संग्रह 'शब्दों की परछाइयां' का आज सेक्टर 35 के होटल के सभागार में विमोचन हुआ। संवाद साहित्य मंच द्वारा आयोजित समारोह में अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कैलाश आहलूवालिया, मुख्य अतिथि कवयित्री और प्राचार्य डॉ निशा भार्गव और विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार प्रेम विज थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ अनीश गर्ग ने किया। संवाद साहित्य मंच के उपाध्यक्ष डॉ विनोद शर्मा ने आए हुए अतिथियों और साहित्यकारों का स्वागत किया। आरंभ में नीरू मित्तल 'नीर' ने अपनी रचना प्रक्रिया पर विचार व्यक्त करते हुए कुछ कविताओं का पाठ किया। अध्यक्ष पद से बोलते हुए डॉ आहलूवालिया ने कहा कि कविताओं में सामाजिक ताने-बाने को प्रभावी ढंग से पेश किया गया है। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ निशा भार्गव ने कहा कि इन कविताओं में रिश्तों में पड़ी सिलवटों को मिटाने का प्रयास है। विशिष्ट अतिथि प्रेम विज ने कहा इन कविताओं में मार्मिकता, करुणा, प्रेम, सामाजिक विडंबना और आध्यात्मिकता के रंग दिखाई देते हैं। आलेख प्रस्तुत करते हुए कवि विजय कपूर ने कहा इन कविताओं में मानवीय सरोकार और समाज में व्याप्त बुराइयों को सहजता से दिखाया गया है। नीलम त्रिखा और लाजपतराय गर्ग ने भी पुस्तक पर अपने विचार रखे। अशोक भंडारी नादिर, उर्मिल सखी, निर्मला जसवाल, अलका कांसरा,आर पी मल्होत्रा,राज विज, के के शारदा, सरिता मेहता, देवराज त्यागी, बलवंत तक्षक ने भी लेखिका को शुभकामनाएं दीं। कंचन भल्ला ने नीरू मित्तल की गज़ल का सस्वर पाठ प्रस्तुत किया। बी के गुप्ता ने सभी धन्यवाद किया। 

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