अमेरिकी हमलों में ईरान में 38 की मौत, 400 से अधिक घायल नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का आरोप

तेहरान, 18 जुलाई: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका द्वारा विभिन्न प्रांतों में किए गए हमलों में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि हमलों में पुलों, बिजली ढांचे और चाबहार बंदरगाह के समुद्री नियंत्रण टावर समेत नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, गुरुवार देर रात से शुक्रवार तड़के तक हुए हमले होरमुज़गान, बुशेहर, सिस्तान-बलूचिस्तान, खुज़ेस्तान और लोरेस्तान प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में तीन महिलाएं और एक नाबालिग भी शामिल हैं, जबकि 47 घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
हमलों में चाबहार के शहीद कलांतरी बंदरगाह का समुद्री नियंत्रण टावर पूरी तरह नष्ट हो गया। हालांकि बंदरगाह के घाट, कार्गो संचालन और अन्य प्रमुख सुविधाएं सुरक्षित रहीं तथा वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने शहीद कलांतरी बंदरगाह के निगरानी टावर को नष्ट किया है। अमेरिका का दावा है कि यह टावर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका उपयोग ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखने के लिए किया जाता था।
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, तकनीकी टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद बंदरगाह पर माल ढुलाई का काम दोबारा शुरू किया जाएगा।
होरमुज़गान प्रांत में छह पुल क्षतिग्रस्त हो गए। प्रांतीय प्रशासन के अनुसार यहां सात लोगों की मौत और नौ अन्य घायल हुए हैं। वहीं बंदर अब्बास में रिहायशी इलाके पर हमले में एक व्यक्ति की मौत और आठ लोग घायल हुए। शहर के एक रेलवे स्टेशन की शाखा भी क्षतिग्रस्त हुई, जिसमें दो लोग घायल हुए।
बुशेहर में दो अलग-अलग हमलों में एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि खुज़ेस्तान के अहवाज क्षेत्र में हमलों के बाद एक कैंसर अस्पताल को एहतियातन खाली कराया गया। लोरेस्तान प्रांत के वेसियान इलाके में भी हमले की पुष्टि हुई है।
इस बीच CENTCOM ने कहा कि उसने ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से तटीय निगरानी प्रणाली, वायु रक्षा ठिकानों, लॉजिस्टिक्स ढांचे और समुद्री सैन्य संसाधनों पर कई चरणों में हमले किए हैं।
ईरान ने अमेरिका पर नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसके हमले केवल सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम हैं।
उधर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि उसने बहरीन, कुवैत, सीरिया और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

   

सम्बंधित खबर