जलपाईगुड़ी दौरे पर मंत्री अग्निमित्रा पाल ने विकास परियोजनाओं का लिया जायजा

कोलकाता, 09 जून (हि. स.)। राज्य की नगर विकास एवं नगर प्रशासन मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंत्री बनने के बाद पहली बार जलपाईगुड़ी का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। मंगलवार को उन्होंने जिले के कई क्षेत्रों का दौरा कर पेयजल, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

सोमवार शाम जलपाईगुड़ी पहुंचने के बाद मंत्री ने सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। मंगलवार सुबह उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ निरीक्षण शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने तीस्ता नदी के किनारे चल रहे अमृत परियोजना के कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि परियोजना का काम लंबे समय से अधूरा होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अब तक पर्याप्त पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को एक माह के भीतर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद उन्होंने अमृत भारत परियोजना के अंतर्गत निर्मित जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने परियोजना में देरी और कथित अनियमितताओं की जानकारी ली तथा कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बालापाड़ा क्षेत्र के निवासियों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि डंपिंग ग्राउंड से फैलने वाली दुर्गंध और रेलवे अंडरपास में सालभर जलभराव के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री स्वयं डंपिंग ग्राउंड पहुंचीं और एक सप्ताह के भीतर कचरा हटाने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि वह एक माह बाद फिर से जिले का दौरा कर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शहर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, पान-गुटखा की पीक फेंकने और खुले में शौच या मूत्रत्याग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

इसके अलावा मंत्री ने जिले में अवैध निर्माण संबंधी शिकायतों पर भी प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में पत्रकारों पर हुए कथित हमलों और उत्पीड़न के मामलों की भी समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने का आश्वासन दिया।

मंत्री अग्निमित्रा पाल के इस दौरे के दौरान नागरिक सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन और परियोजनाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किए जाने से स्थानीय लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।

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