बबीला रकवाल समेत जम्मू-कश्मीर के 14 JKAS अधिकारियों को IAS में शामिल करने की मंजूरी

जम्मू, 22 अगस्त। जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) के 14 सेवारत अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल करने की प्रक्रिया ने महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इन अधिकारियों के नामों को मंजूरी देते हुए जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से उनकी सहमति मांगी है।
अधिकारियों की सहमति मिलने और उसे केंद्र सरकार को भेजे जाने के बाद IAS में शामिल करने की औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक अधिकारी को उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार आवंटन वर्ष प्रदान किया जाएगा।


इन 14 अधिकारियों को मिली मंजूरी


1, बबीला रकवाल 2, शबनम कामिली 3,रचना शर्मा 4, लीना पाधा 5 ,राजिंदर सिंह तारा 6, तारिक हुसैन गनई 7, मुनीर-उल-इस्लाम 8,  सज्जाद हुसैन गनई 9, अनु मल्होत्रा 10, नीतू गुप्ता
11, प्रदीमन कृष्ण 12 , भट भवानी रकवाल 13, स्मिता सेठी 14, अनुराधा गुप्ता


अभी जारी होगी औपचारिक अधिसूचना आधिकारिक सूत्रों के अनुसार GAD को गृह मंत्रालय और DoPT की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें संबंधित अधिकारियों से यह बताने को कहा गया है कि वे IAS में शामिल होने के इच्छुक हैं या नहीं। अधिकारियों के सहमति-पत्र मिलने के बाद GAD इन्हें गृह मंत्रालय और DoPT के पास भेजेगा। इसके पश्चात केंद्र सरकार औपचारिक अधिसूचना जारी करेगी।

इसलिए अभी यह कहना अधिक सही है कि अधिकारियों को IAS में शामिल करने की मंजूरी मिली है, लेकिन उनकी औपचारिक नियुक्ति की अधिसूचना जारी होना बाकी है। 2019 और 2020 की रिक्तियों पर चयन बताया गया है कि अधिकांश अधिकारियों को वर्ष 2019 की रिक्तियों के विरुद्ध मंजूरी दी गई है, जबकि शेष अधिकारियों का चयन 2020 की रिक्तियों के तहत हुआ है। इन अधिकारियों के चयन प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 और 24 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हुई बैठक में विचार किया था।


इस बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रशासन तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे। नौ रिक्तियां अगले वर्ष के लिए होंगी आगे स्थानांतरित IAS में पदोन्नति के लिए कुल 23 रिक्तियां उपलब्ध थीं। इनमें से 14 सेवारत अधिकारियों को वर्तमान चरण में मंजूरी मिली है। शेष नौ रिक्तियां सेवानिवृत्त हो चुके JKAS अधिकारियों से संबंधित हैं। इन नौ पदों को अगले चयन वर्ष में आगे ले जाया जाएगा। तब पात्र JKAS अधिकारियों को इन रिक्तियों के साथ उस समय उपलब्ध होने वाले अन्य पदों के लिए भी विचार किया जा सकेगा।


औपचारिक रूप से IAS में शामिल होने के बाद इन अधिकारियों को AGMUT कैडर आवंटित किया जाएगा। इस कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप शामिल हैं। इसका अर्थ है कि IAS में शामिल होने के बाद इन अधिकारियों की नियुक्ति AGMUT कैडर के किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में की जा सकती है।


चार वर्ष बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया
जम्मू-कश्मीर के JKAS अधिकारियों को पिछली बार 4 अगस्त 2022 को IAS में शामिल किया गया था। उस समय 16 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान मिला था।
इससे पहले वरिष्ठता विवादों और कानूनी अड़चनों के कारण वर्ष 2010 से 2022 तक करीब 12 वर्षों तक JKAS अधिकारियों को IAS में शामिल करने की प्रक्रिया रुकी रही थी। नवीनतम मंजूरी से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के IAS में शामिल होने का रास्ता साफ हुआ है।

   

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