जेके बैंक के सीएसआर के तहत 400 से अधिक दिव्यांगों को सहायक उपकरण, सीआरसी श्रीनगर को परिवहन वाहन भेंट

जम्मू। स्टेट समाचार
जम्मू-कश्मीर बैंक ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के तहत दिव्यांगजनों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं। बैंक के कार्यकारी निदेशक सुधीर गुप्ता ने श्रीनगर स्थित कंपोजिट रीजनल सेंटर में आयोजित मेगा वितरण शिविर में 'प्रोजेक्ट समर्थ' के तहत 400 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 46 लाख रुपये मूल्य के विशेष सहायक उपकरण वितरित किए। इस अवसर पर बैंक ने सीआरसी श्रीनगर को पुनर्वास एवं आउटरीच सेवाओं के लिए एक समर्पित परिवहन वाहन भी सौंपा।
कार्यक्रम में बैंक के अधिकारियों, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और सीआरसी श्रीनगर के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। बैंक के अनुसार, प्रोजेक्ट समर्थ के तहत अब तक जम्मू-कश्मीर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 4,700 से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक सुधीर गुप्ता ने कहा कि जेके बैंक सामाजिक रूप से समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सीएसआर को केवल दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम मानता है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की स्वतंत्रता, गरिमा और गतिशीलता बढ़ाना है ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकें।
एलिम्को के उत्तर क्षेत्र प्रमुख एस.के. त्रिपाठी ने बताया कि लगभग 3.83 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के माध्यम से दिव्यांगजनों तक आधुनिक सहायक तकनीक पहुंचाने में जेके बैंक का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। वहीं, सीआरसी श्रीनगर के निदेशक डॉ. बेहज़ाद मकबूल ने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नया परिवहन वाहन दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक पुनर्वास सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

   

सम्बंधित खबर