प्रसिद्ध कवि, नाटककार अतुलचंद्र हज़ारिका की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि
- DSS Admin
- Jun 07, 2026
गुवाहाटी, 07 जून (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने आज प्रसिद्ध कवि, नाटककार, गद्य लेखक, शोधकर्ता और बाल साहित्यकार अतुलचंद्र हज़ारिका की पुण्यतिथि पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि प्रसिद्ध कवि, नाटककार, गद्य लेखक, शोधकर्ता और बाल साहित्यकार अतुलचंद्र हज़ारिका असमिया साहित्य के विशाल क्षेत्र के एक चिर सम्माननीय व्यक्तित्व हैं। असम साहित्य सभा के अध्यक्ष के पद को भी अलंकृत करने वाले हज़ारिका की रचनाओं ने हमें प्रकाश की राह दिखाई।
साहित्याचार्य के योगदान से असमिया साहित्य जगत और विशाल असमिया समाज को पीढ़ी दर पीढ़ी हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी। आज उनके पुण्यतिथि पर हम उन्हें गहरी श्रद्धा के साथ याद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अतुल चन्द्र हजारिका का जन्म 09 सितंबर, 1903 को गुवाहाटी में हुआ था। उनके पिता रमाकांत हजारिका एवं माता निरुपमा हजारिका थीं। उनका निधन 07 जून, 1986 में हुआ। एक असमिया कवि, नाटककार, गद्य लेखक और बच्चों के साहित्यकार थे। 1953 से 1956 तक उन्हें लगातार तीन बार असम साहित्य सभा का महासचिव चुना गया। 1959 के असम साहित्य सभा के नगांव अधिवेशन में उन्होंने सम्मेलन की अध्यक्षता की। असम साहित्य सभा ने 1982 में उन्हें साहित्याचार्य की उपाधि से सम्मानित किया। हाजरिका ने असम में एक नाट्य आंदोलन की शुरुआत की और असम के रंगमंच पर प्रभाव डाला, जिसके परिणामस्वरूप बंगाली नाटकों को असम के रंगमंच से हटना पड़ा था।

