उमर अब्दुल्ला के खिलाफ भाजपा का 100 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस कहा नुकसान की भरपाई कोई रकम नहीं कर सकती

जम्मू, 13 जुलाई: जम्मू-कश्मीर भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 100 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजते हुए उन पर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा कि उमर अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं तथा उन्होंने पार्टी की प्रतिष्ठा को जो नुकसान पहुंचाया है, उसकी भरपाई कोई भी रकम नहीं कर सकती।
भाजपा ने मुख्यमंत्री से सात दिनों के भीतर अपने आरोप लिखित रूप से वापस लेने और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा सहित दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, पिछले सप्ताह हजरतबल में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि भाजपा उनकी सरकार गिराने के लिए उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया था कि जम्मू क्षेत्र के एक एनसी विधायक को भाजपा में शामिल होने के बदले 20 से 30 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की गई थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सत शर्मा के निर्देश पर अधिवक्ता परिमोक्ष सेठ के माध्यम से भेजे गए तीन पृष्ठों के नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह झूठे, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों से परे हैं। नोटिस में कहा गया है कि इन बयानों को व्यापक रूप से प्रचारित किया गया, जिससे भाजपा और उसके पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है।
नोटिस में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि वे:
अपने आरोप लिखित रूप से वापस लें।
सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें।
भाजपा के खिलाफ भविष्य में कोई भी मानहानिकारक बयान देने या प्रसारित करने से परहेज करें।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर सक्षम न्यायालय में 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीटीआई से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि उमर अब्दुल्ला के आरोपों का उद्देश्य भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करना था।
उन्होंने कहा, "भाजपा और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की लगातार कोशिश की जाती रही है। उमर अब्दुल्ला ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उससे पार्टी की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है। 100 करोड़ रुपये की मांग भी उस नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।"
20 जुलाई को दिल्ली में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के निमंत्रण को भाजपा ने ठुकरा दिया। सत शर्मा ने कहा कि भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस आश्वासन पर पूरा विश्वास है कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला माहौल नेशनल कॉन्फ्रेंस की नीतियों के कारण बना, जिससे राज्य का दर्जा बहाल होने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शांति, स्थिरता और अनुकूल माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, ताकि राज्य का दर्जा बहाल करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।

   

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