ष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल हुई भैरव यात्रा, समिति ने जताया हर्ष।
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 15, 2026
राजौरी की ऐतिहासिक एवं धार्मिक भैरव यात्रा को भारत की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किए जाने पर भैरव यात्रा समिति, राजौरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है। समिति ने कहा कि यह सम्मान सदियों से चली आ रही इस पवित्र परंपरा, हजारों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था तथा स्थानीय समुदायों के समर्पण का परिणाम है।
समिति ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह राष्ट्रीय मान्यता राजौरी की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली उपलब्धि है। साथ ही यह सम्मान उन सभी लोगों के अथक प्रयासों को समर्पित है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी भैरव यात्रा की परंपरा को जीवंत बनाए रखा।
भैरव यात्रा समिति ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उपायुक्त राजौरी अभिषेक शर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया। समिति के अनुसार उपायुक्त ने इस प्रस्ताव की परिकल्पना, दस्तावेजीकरण और संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से पैरवी कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग के सचिव बृज मोहन शर्मा के मार्गदर्शन, सहयोग और समन्वय की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी।
भैरव यात्रा समिति के अध्यक्ष विशाल दत्ता ने कहा कि राष्ट्रीय धरोहर सूची में भैरव यात्रा का शामिल होना पूरे राजौरी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान का वास्तविक श्रेय उन सभी श्रद्धालुओं को जाता है, जिन्होंने वर्षों से इस पवित्र परंपरा को श्रद्धा और विश्वास के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने उपायुक्त अभिषेक शर्मा तथा संस्कृति सचिव बृज मोहन शर्मा के समर्पित प्रयासों के लिए उनका विशेष धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सनातन सभा राजौरी के जिला महासचिव निशु गुप्ता ने जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय मान्यता से राजौरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मान्यता के बाद भैरव यात्रा के संरक्षण, प्रलेखन, प्रचार-प्रसार और समग्र विकास के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इससे राजौरी देश के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
भैरव यात्रा समिति ने सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, शोधकर्ताओं, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय समुदाय के लोगों का भी आभार व्यक्त किया। समिति ने विशेष रूप से अपने सभी समूह सदस्यों—सुमित शर्मा, राधिश शर्मा, राहुल सूरी, वरुण चंदन, पारस गुप्ता, पल्लव गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, संजय दत्त, सौरभ गुप्ता, सौरभ घई, अमित गुप्ता, माणिक गंडोत्रा, विश्व गुप्ता, साहिल रोत्रा, संजय शर्मा, शिवम गंडोत्रा, आशीष गुप्ता, शुभम शर्मा सहित अन्य सहयोगियों—के निरंतर योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और सहयोग से ही भैरव यात्रा की गौरवशाली परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़ रही है।

