जम्मू में जाम से मिलेगी बड़ी राहत! 378 करोड़ के अम्बफला-रूपनगर फ्लाईओवर की तैयारियां तेज, जानीपुर रोड होगा सुगम
- Neha Gupta
- Aug 21, 2026
जम्मू में 378 करोड़ के अम्बफला-रूपनगर फ्लाईओवर की तैयारी तेज, जानीपुर रोड को मिलेगी जाम से राहत
जम्मू शहर की लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में अम्बफला-रूपनगर फ्लाईओवर के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 378.40 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। भोपाल की मंगलमल इंफ्रा एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड को कंसलटेंसी का जिम्मा सौंपा गया है।
कंसलटेंसी कंपनी ने न्यू प्लाट और आसपास के इलाकों में सॉयल टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया है। जमीन की मजबूती, प्रस्तावित पिलरों की स्थिति, ट्रैफिक दबाव और बिजली के खंभों व पाइपलाइनों जैसी यूटिलिटी को शिफ्ट करने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
कंपनी को डीपीआर तैयार करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार इसे करीब दो महीने में पूरा कर लोक निर्माण विभाग को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है। डीपीआर तैयार होने के बाद प्रस्ताव सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों का विरोध
फ्लाईओवर की योजना के बीच कुछ दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान तोड़-फोड़ से कारोबार प्रभावित हो सकता है और इस मार्ग पर व्यापार को नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय लोगों की ओर से अम्बफला से मांडा होते हुए रिंग रोड का विकल्प अपनाने की मांग भी की जा रही है।
क्या होगा फ्लाईओवर का रूट?
प्रस्तावित फ्लाईओवर अम्बफला चौक से रूपनगर टी-जंक्शन तक, जानीपुर के रास्ते बनाया जाना है। इसके निर्माण से इस पूरे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाने और ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
अम्बफला-जानीपुर मार्ग जम्मू के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट पर जम्मू हाईकोर्ट, कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, स्कूल और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके मौजूद हैं। पीक आवर्स के दौरान यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम वाहन चालकों के साथ-साथ एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फ्लाईओवर बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही अम्बफला, जानीपुर और रूपनगर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर सफर भी पहले की तुलना में सुगम हो सकेगा।
19 साल पुराना है फ्लाईओवर का विचार
अम्बफला-जानीपुर मार्ग की ट्रैफिक समस्या का समाधान करने के लिए फ्लाईओवर का विचार वर्ष 2007 में पहली बार सामने आया था। उस समय एशियाई विकास बैंक (ADB) की फंडिंग से करीब 30 करोड़ रुपये की लागत वाला प्रोजेक्ट तैयार किया गया था।
हालांकि, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अन्य कारणों के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में जुलाई 2013 में ADB ने इस प्रोजेक्ट की फंडिंग वापस ले ली और करीब 19 साल पुराना यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया।
अब एक बार फिर नए सिरे से इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू हुई है। अगर डीपीआर, सरकारी मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया तय समय के अनुसार पूरी होती है, तो जम्मू शहर को लंबे समय से चली आ रही जानीपुर-अम्बफला ट्रैफिक समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सरफराज अहमद चौधरी के अनुसार, अम्बफला से रूपनगर टी-जंक्शन तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है। कंसलटेंसी कंपनी ने सॉयल टेस्टिंग समेत जरूरी तकनीकी कार्य शुरू कर दिए हैं और डीपीआर को जल्द तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डीपीआर तैयार होने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जानीपुर मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए यह प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

