फर्रुखाबाद,07 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की प्रख्यात चिकित्सिका डॉ रजनी सरीन का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से चिकित्सा जगत में अपूर्णीय क्षति हुई है। अपने व्यावसायिक दायित्वों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्या के रूप में उनका सम्मान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व भी करता था।
संगठन के विभिन्न दायित्वों के साथ राष्ट्र सेविका समिति की क्रियाशील सेविका के रूप में पूरे राष्ट्र में बालिकाओं और महिलाओं की शिक्षा स्वाबलंबन और आत्म निर्भरता के लिए उनके सराहनीय योगदान रहे हैं।
आईएमए, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, विकलांग शिविर, संस्कार भारती, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र आदि से जुड़कर उन्होंने समाज के निरन्तर सेवा कार्य किये। अपने उपचार गृह में गरीबों का नि:शुल्क इलाज और जटिल केसों के इलाज के कारण उनकी आस पास के जनपदों में भी ख्याति थी। श्री रामलीला कमेटी फर्रुखाबाद की वे लंबे समय से संरक्षक थीं।
अभिव्यंजना साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था की प्रमुख के रूप में राजभाषा को समृद्ध करने में उनका विशिष्ट योगदान था। समवेत की संरक्षक के रूप में उन्होंने जनपद की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मंच प्रदान किया। पूरे विश्व में भृमण करने के बाद भी उनका अंतर्मन फर्रुखाबाद से ही जुड़ा रहा। उनका अवसान अपूर्णीय क्षति है।
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