जम्मू और श्रीनगर में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा, अटल पेंशन योजना व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष अभियान

जम्मू। स्टेट समाचार
केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन योजनाओं के दायरे को व्यापक बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जम्मू और श्रीनगर में दो बड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जम्मू में पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण, जम्मू-कश्मीर यूनियन टेरिटरी लेवल बैंकर्स कमेटी और लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जम्मू के सहयोग से कंट्री इन में अटल पेंशन योजना आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि श्रीनगर में जेएंडके बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से मेगा फाइनेंशियल इन्क्लूजन सैचुरेशन कैंपेन-2026 का आयोजन किया। जम्मू में आयोजित कार्यक्रम में पीएफआरडीए, यूटीएलबीसी, विभिन्न बैंकों, सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच अटल पेंशन योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अधिक से अधिक पात्र लोगों का नामांकन सुनिश्चित करना तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना था। पीएफआरडीए की एजीएम रूबी विनायक भाओसागर ने कहा कि अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों को किफायती और भरोसेमंद पेंशन सुरक्षा प्रदान करती है तथा इसके लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता और नामांकन अभियान तेज करने की आवश्यकता है। यूटीएलबीसी के उप महाप्रबंधक सैयद आदिल बशीर अंद्राबी ने बैंकों से योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया, जबकि एसबीआई के चंदर मोहन भट्ट ने योजना की सफलता में बैंकिंग क्षेत्र की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान पीएफआरडीए के निशांत आनंद ने योजना की विशेषताओं की जानकारी दी और कई बैंकों ने मौके पर ही नए लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सम्मानित भी किया गया।
वहीं श्रीनगर में आयोजित मेगा वित्तीय समावेशन अभियान में आरबीआई, जेएंडके बैंक, विभिन्न सरकारी विभागों, सदस्य बैंकों, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट्स, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। आरबीआई की मुख्य महाप्रबंधक निशा नांबियार ने लोगों से सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अपनाने, साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने और री-केवाईसी समय पर पूरा कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचना आवश्यक है। जेएंडके बैंक के मुख्य महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद भट ने कहा कि वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाते खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को बचत, बीमा, पेंशन, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 25 लाख से अधिक प्रधानमंत्री जनधन खाते हैं तथा पिछले वित्तीय वर्ष में 1.57 लाख नए खाते खोले गए। इसी अवधि में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 31 प्रतिशत, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 29 प्रतिशत और अटल पेंशन योजना में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कार्यक्रम में री-केवाईसी, निष्क्रिय जनधन खातों को सक्रिय करने, लंबित सीकेवाईसी आईडी तैयार करने, नामांकन अद्यतन करने, नए जनधन खाते खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने तथा डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

 

   

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