जम्मू-कश्मीर में चार नए श्रम संहिताओं के लागू करने की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
- Rahul Sharma
- Jul 16, 2026
जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को श्रम एवं रोजगार विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन, आयुक्त सचिव विधि, श्रम आयुक्त चरणदीप सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभाग की ओर से नियम निर्माण, संस्थागत तैयारियों, डिजिटल एकीकरण, जागरूकता कार्यक्रमों और जम्मू-कश्मीर में नई श्रम व्यवस्था लागू करने की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नए श्रम कानून श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सौहार्द और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण सुधार हैं, जिनके प्रभावी क्रियान्वयन से रोजगार का औपचारिककरण, बेहतर कार्य परिस्थितियां और पारदर्शी श्रम प्रशासन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने विभाग को शेष नियमों की अधिसूचना तय समय में पूरी करने, भारत सरकार के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए समन्वय बढ़ाने, वैधानिक बोर्डों के गठन में तेजी लाने तथा श्रमिकों, नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के बीच जागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन ने बताया कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को सरल बनाकर चार व्यापक कानूनों में समाहित किया गया है। इनमें वेतन संहिता-2019, औद्योगिक संबंध संहिता-2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता-2020 शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर नियम निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने वाले अग्रणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है।
श्रम आयुक्त चरणदीप सिंह ने जानकारी दी कि चारों श्रम संहिताओं के तहत नियम तैयार किए जा चुके हैं। औद्योगिक संबंध संहिता के नियमों की अंतिम अधिसूचना जारी हो चुकी है, जबकि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता के नियम अंतिम चरण में हैं। वहीं वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता के नियम वैधानिक परामर्श प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। बैठक में बताया गया कि अब तक जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में 617 सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनके माध्यम से लगभग पांच लाख श्रमिकों, नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों को नए श्रम कानूनों की जानकारी दी गई। इसके अलावा 283 क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए 7,200 से अधिक अधिकारियों, नियोक्ताओं, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
विभाग ने नई श्रम संहिताओं के तहत सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन सुरक्षा, राष्ट्रीय फ्लोर वेज, वेतन की समान परिभाषा, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों को मजबूत बनाने जैसे प्रावधानों की जानकारी भी दी। बैठक में यह भी बताया गया कि श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार वैधानिक बोर्ड गठित किए जाएंगे। विभाग ने ब्लॉक स्तर पर श्रम सहायकों की नियुक्ति, आईटी ढांचे को मजबूत करने, राष्ट्रीय श्रम पोर्टलों से एकीकरण और व्यापक जागरूकता अभियान सहित मिशन मोड में क्रियान्वयन के लिए 10.44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजे जाने की जानकारी भी दी।

