डॉ. बिन्नी मोहन ने थामा जनता दल यूनाइटेड का दामन, नीतीश के सपनों का बिहार बनाने का लिया संकल्प
- DSS Admin
- Jun 09, 2026
नवादा, 09 जून (हि.स.)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नवादा जिला कार्यालय में मंगलवार को एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अखिलेश मोहन की पत्नी डॉ. बिन्नी मोहन ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
जिला अध्यक्ष राज किशोर दांगी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जदयू नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
सदस्यता ग्रहण के अवसर पर पार्टी नेताओं ने डॉ. बिन्नी मोहन का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें पार्टी की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. बिन्नी मोहन, प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश मोहन की पत्नी हैं। उनके जदयू में शामिल होने को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में राज्य कार्यकारिणी सदस्य हरि कृपाल सिंह, निजाम खान, संजय चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। नेताओं ने कहा कि सामाजिक और चिकित्सा क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका का लाभ अब पार्टी को भी मिलेगा तथा उनके जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. बिन्नी मोहन का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच उनकी अच्छी पहचान का लाभ आगामी दिनों में पार्टी को मिलेगा।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में डॉ. बिन्नी मोहन ने कहा कि उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की विकासवादी सोच और जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य नीतीश कुमार के सपनों का विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बिहार बनाने में योगदान देना है।
डॉ. बिन्नी मोहन ने कहा कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगी।
उन्होंने कहा कि वह गांव-गांव जाकर राज्य सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष राज किशोर दांगी ने कहा कि पार्टी में नए और शिक्षित लोगों के जुड़ने से संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा आगामी चुनावों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
---------------

