साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्ती के निर्देश, मुख्य सचिव ने मांगी समन्वित रणनीति

जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जम्मू द्वारा आयोजित 37वीं केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समन्वय समिति (यूटीएलसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जम्मू-कश्मीर में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और अनियमित वित्तीय गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक, समन्वित और प्रौद्योगिकी आधारित रणनीति अपनाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) से अभियोजन और जांच अधिकारियों के लिए बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया, ताकि साइबर वित्तीय अपराधों की जांच और अभियोजन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने सेबी और एनएसई को लगभग 50 हजार लोगों तथा आईसीएआई को करीब 20 हजार हितधारकों, जिनमें शिक्षक, विद्यार्थी, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, सामुदायिक प्रतिनिधि और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी शामिल हैं, के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गृह विभाग के साथ समन्वय कर साइबर वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट जिम्मेदारियों और बेहतर समन्वय से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। साथ ही वित्त विभाग को चिट फंड नियमों को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए, ताकि अवैध जमा योजनाओं और फर्जी निवेश योजनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। बैठक में उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े घोटालों, फिशिंग संदेशों और फर्जी ईमेल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए ऐसे मामलों के मास्टरमाइंड की पहचान करने तथा कानूनी प्रावधानों के तहत उनकी संपत्ति जब्त करने, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द करने जैसे कड़े कदमों पर भी जोर दिया।
इससे पहले आरबीआई जम्मू के क्षेत्रीय निदेशक चंद्रशेखर आजाद ने वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई की विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकों में फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क अडैप्टर, एआई आधारित म्यूल हंटर टूल, 'bank.in' डोमेन, कार्ड टोकनाइजेशन, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग और डेबिट-क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा संबंधी नई सुविधाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए अब तक 113 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त), प्रधान सचिव गृह, पुलिस, कानून, उद्योग एवं वाणिज्य, सहकारिता विभाग, सूचना विभाग, आरबीआई, सेबी, आईसीएआई और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा साइबर वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।

   

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