सिंगापुर में पहली बार जुटा डोगरा समुदाय, भाषा और संस्कृति से जुड़ाव हुआ मजबूत

जम्मू। स्टेट समाचार
सिंगापुर में रहने वाले डोगरा समुदाय के 25 से अधिक सदस्यों ने हाल ही में पहली बार आयोजित सामूहिक मिलन समारोह में हिस्सा लिया। इस आयोजन ने प्रवासी डोगरा परिवारों को अपनी मातृभाषा डोगरी, सांस्कृतिक विरासत और जम्मू की यादों से फिर से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। इस पहल की शुरुआत कुछ महीने पहले जम्मू के चन्नी हिम्मत निवासी और एबीबी में कार्यरत इक्ष्वाकू वैद द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप समूह से हुई थी। छह सदस्यों से शुरू हुआ यह समूह जल्द ही 33 सदस्यों तक पहुंच गया, जिसके बाद पहली बार आमने-सामने मिलने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन के समन्वय में शिक्षा सलाहकार और एमबीएससीईटी की पूर्व छात्रा सोनाली वैद ने भी सहयोग दिया।
समारोह को सफल बनाने में सेवानिवृत्त मेजर जनरल एस.के. शर्मा (एवीएसएम) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने मार्च 2026 से सिंगापुर में रह रहे डोगरा परिवारों को जोड़ने का अभियान शुरू किया था। इससे पहले भी वह दुबई, बेंगलुरु, युगांडा और अमेरिका में डोगरा समुदाय को संगठित कर चुके हैं। वह इस कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। आयोजन की व्यवस्थाओं का जिम्मा आरसी पार्टनर्स एशिया, सिंगापुर के निदेशक और हीरानगर के कूटा निवासी अनुराग शर्मा ने संभाला। वहीं, एमआईईटी (ऑटोनॉमस) के पूर्व छात्र और वर्तमान में अमेजन वेब सर्विसेज से जुड़े अक्षत साहनी ने जम्मू की सांस्कृतिक विरासत, डोगरी परंपराओं और स्थानीय व्यंजनों पर आधारित वीडियो प्रस्तुति, डोगरी गीतों की प्रस्तुति, सांस्कृतिक क्विज़ और तकनीकी व्यवस्थाओं का संचालन किया, जिसने उपस्थित लोगों को अपने गृहप्रदेश की यादों से भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में वित्त, प्रौद्योगिकी और शोध क्षेत्रों से जुड़े कई प्रवासी डोगरा पेशेवर शामिल हुए। प्रतिभागियों ने इसे विदेश में रह रहे डोगरा समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह मिलन समारोह उन्हें अपनी जड़ों, भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखने का सशक्त माध्यम बनेगा।

 

   

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