पीएमजीएसवाई परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने लंबित कार्य जल्द पूरा करने को कहा

जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जम्मू-कश्मीर में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण संपर्क मार्गों का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, पर्यटन और रोजगार तक पहुंच को बेहतर बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगा। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण (आरएंडबी) विभाग अनिल कुमार सिंह, वन विभाग के आयुक्त सचिव, पीएमजीएसवाई जम्मू-कश्मीर के मुख्य अभियंता तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पीएमजीएसवाई के पहले तीन चरणों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के साथ-साथ पीएमजीएसवाई-4 के कार्यान्वयन की रणनीति पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं में अनावश्यक देरी हुई है, वहां जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने वन स्वीकृतियों, भूमि संबंधी मामलों, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपायुक्तों से अपने-अपने जिलों में पीएमजीएसवाई परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर कराने को कहा। बैठक में बताया गया कि पीएमजीएसवाई के पहले तीन चरणों में स्वीकृत 3,437 सड़कों में से 3,332 सड़कें पूरी हो चुकी हैं, जो कुल परियोजनाओं का 96.9 प्रतिशत है। 20,801.43 किलोमीटर स्वीकृत सड़क लंबाई में से 19,865.36 किलोमीटर का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 305 स्वीकृत लंबे पुलों में से 260 पुल बन चुके हैं। इन चरणों में अब तक 13,526 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
पीएमजीएसवाई-4 के तहत पहले दो बैचों में 792 बस्तियों को जोड़ने के लिए 646 सड़कों को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 3,381 किलोमीटर और अनुमानित लागत 7,790 करोड़ रुपये है। वर्ष 2025-26 के पहले बैच में स्वीकृत 316 सड़कों में से 235 पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि वर्ष 2026-27 के दूसरे बैच की सभी 330 परियोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति देकर निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बैठक में सरकार ने जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक पात्र ग्रामीण क्षेत्र को हर मौसम में सड़क संपर्क उपलब्ध कराने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
 

   

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