जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात, सीमावर्ती लोगों की समस्याएं उठाईं

नई दिल्ली, 22 जुलाई: जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा क्षेत्रों के विकास और सीमावर्ती लोगों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान सत शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास रहने वाले लोगों की कठिनाइयों से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले परिवार लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इसलिए सामुदायिक और व्यक्तिगत बंकरों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 

 

 

सत शर्मा ने उन सीमावर्ती किसानों और परिवारों का मुद्दा भी उठाया, जिनकी जमीन रक्षा बलों या अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा सैन्य ढांचे और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाई गई है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को जल्द से जल्द उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय हित में अपनी भूमि और आजीविका का त्याग किया है।

 

 

 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर क्षेत्र में विकास और स्थिरता का नया माहौल बनाया गया है। सत शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की सोच के अनुसार सीमावर्ती गांवों को देश के "अंतिम गांव" नहीं बल्कि "पहले गांव" के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए बेहतर सड़क, संचार, बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।

 

 

 

इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सीमावर्ती लोगों को केवल संकट के समय याद किया, जबकि उनके दीर्घकालिक विकास की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा "नेशन फर्स्ट" की भावना के साथ सीमावर्ती नागरिकों की आवाज बनकर उनके हितों की रक्षा कर रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत शर्मा को आश्वासन दिया कि बंकरों और भूमि मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करने पर विचार करेंगे, ताकि वहां के लोगों और सुरक्षा बलों से सीधे संवाद कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया जा सके। राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर स्थायी शांति, विकास और राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

   

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