जम्मू संभाग पर बाढ़ की सबसे बड़ी मार सिंचाई बाढ़ नियंत्रण ढांचे की बहाली पर ₹507 करोड़ का अनुमान 89 प्रतिशत नुकसान जम्मू में


जम्मू, 29 सितंबर। जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भारी बारिश से सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सरकार के आकलन के अनुसार क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए ₹507 करोड़ से अधिक की आवश्यकता होगी। इसमें सबसे ज्यादा मार जम्मू संभाग पर पड़ी है, जहां कुल अनुमानित बहाली लागत का करीब 89 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ और भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में नहरों, सिंचाई नेटवर्क, बाढ़ सुरक्षा कार्यों तथा संबंधित ढांचे को नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर मरम्मत और पुनर्बहाली के बड़े कार्य करने की आवश्यकता है।

सबसे चिंताजनक स्थिति जम्मू संभाग की सामने आई है। कुल ₹507 करोड़ से अधिक के अनुमान के आधार पर देखें तो करीब 89 प्रतिशत हिस्सा जम्मू संभाग से संबंधित होने का अर्थ है कि यहां बहाली पर लगभग ₹451 करोड़ तक खर्च की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि अंतिम राशि विस्तृत आकलन और स्वीकृत कार्यों के आधार पर तय होगी।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त ढांचे की बहाली केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगी। संवेदनशील क्षेत्रों में भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा। सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से कृषि क्षेत्रों तक पानी की आपूर्ति सामान्य करने के लिए भी क्षतिग्रस्त नहरों और अन्य संरचनाओं की शीघ्र मरम्मत जरूरी है।

जम्मू संभाग में नुकसान का हिस्सा इतना अधिक होना यह दर्शाता है कि हाल की भारी बारिश और बाढ़ ने यहां जल संसाधन एवं बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सरकारी ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाला है।

अब संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त ढांचे की प्राथमिकता के आधार पर बहाली, आवश्यक धनराशि की व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की होगी।

   

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