रायगढ़ में नकली शराब के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़, एक आराेपित गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jun 09, 2026

रायगढ़ 09 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने “ऑपरेशन आघात” के तहत एक ऐसे संगठित अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली और मिलावटी शराब तैयार कर बाजार में खपाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान हुआ। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली शराब, पैकिंग सामग्री और स्पिरिट जब्त की गई है, जबकि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो अन्य फरार हैं।
रायगढ़ पुलिस ने आज मंगलवार काे खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू लंबे समय से अवैध शराब का धंधा चला रहा है। यह गिरोह नामी ब्रांडों की बोतलों में नकली शराब भरकर उसे असली बताकर बेच रहा था। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कोतरारोड़ थाना, साइबर थाना और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई।
कार्रवाई की शुरुआत बेहद गोपनीय तरीके से की गई। पुलिस ने एक प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर आरोपित के पास भेजा, जिसने “गोवा ब्रांड” की शराब के दो पौव्वे खरीदे। जांच में इन बोतलों के लेबल और होलोग्राम संदिग्ध पाए गए। आबकारी अधिकारियों की जांच में भी शराब की गुणवत्ता और गंध में असामान्यता पाई गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहरा गया।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत आरोपित के ठिकाने पर छापा मारा। मौके पर पकड़े गए आरोपित ने अपना नाम दुष्यंत पटेल बताया और फरार साथियों में अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के नाम उजागर किए। तलाशी के दौरान पुलिस को घर के परिसर में स्थित पशुशाला के कोठे से नकली शराब का विशाल जखीरा मिला, जिसने टीम को भी चौंका दिया।
यहां से रॉयल स्टैग, आईबी, रिजर्व क्वार्टर, गोवा, ब्लैक डॉग, गोल्डन गोवा और किंगफिशर बीयर जैसे नामी ब्रांडों की नकली पैकिंग में बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। जांच में सामने आया कि यह गिरोह पुरानी खाली बोतलों को इकट्ठा कर साफ करता था और उनमें स्पिरिट, पानी तथा अन्य रसायन मिलाकर शराब तैयार करता था। इसके बाद रेड लेबल चायपत्ती जैसे पदार्थों का उपयोग कर उसकी गंध और रंग को असली जैसा बनाने की कोशिश की जाती थी।
इसके बाद बोतलों पर नकली लेबल और डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर उन्हें फिर से बाजार में उतारा जाता था। यह नकली शराब कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ मिलाकर बेची जाती थी, जिससे आम लोगों को धोखा देना आसान हो जाता था।
पुलिस कार्रवाई में कुल 869 नग नकली शराब (पौव्वा, अद्धी और बोतल), लगभग 240 लीटर तैयार शराब, स्पिरिट से भरे ड्रम, खाली बोतलें, ढक्कन और पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार से उन्हें लगभग 2 लाख 16 हजार रुपये से अधिक का मुनाफा होता था। यह धंधा वह कोरोना काल से चला रहा था।
फिलहाल मुख्य आरोपित दुष्यंत पटेल गिरफ्तार है, जबकि सुभाष पटेल और विनय सिंह की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस खुलासे के बाद इलाके में अवैध शराब कारोबार को लेकर सख्ती और तेज कर दी गई है।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, आबकारी उप निरीक्षक रागनी नायक, एएसआई मनमोहन बैरागी तथा थाना साइबर, थाना कोतरारोड़ एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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