पुंछ-राजौरी फ्लैश फ्लड के बाद लापता 7 लोगों की तलाश तेज सेना का डॉग स्क्वॉड मैदान में
- MILAN SINGH JAMWAL
- Jul 27, 2026
म्मू, 27 जुलाई: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में 19 जुलाई को आई भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद लापता सात लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान और तेज कर दिया गया है। मौसम में सुधार के बाद भारतीय सेना ने विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड को भी सर्च ऑपरेशन में शामिल किया है।
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी जिले में जल शक्ति विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अब्दुल गनी की तलाश जारी है। वह 19 जुलाई को फ्लैश फ्लड के दौरान एक जल पंपिंग स्टेशन के अंदर मौजूद थे, जिसे तेज बहाव अपने साथ बहा ले गया। तब से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
वहीं, पुंछ जिले के सबसे अधिक प्रभावित सुरनकोट क्षेत्र में भी छह अन्य लापता लोगों की खोज के लिए बहु-एजेंसी टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इनमें लोअर मुर्रा के एक परिवार के चार सदस्य और सांगला गांव के दूसरे परिवार के दो सदस्य शामिल हैं, जो बादल फटने के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के दौरान लापता हो गए थे।
तलाशी अभियान में पुलिस, NDRF, SDRF, सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें नदी किनारों, नालों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर खोजबीन कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त रास्तों को बहाल करने का कार्य भी जारी है, ताकि बचाव अभियान में तेजी लाई जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा।
गौरतलब है कि 19 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि डोडा और रामबन जिलों में भी पांच लोगों की जान गई। बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें, पुल, सरकारी एवं निजी संपत्तियां, आवासीय मकान और कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुंचा है।

