जम्मू-कश्मीर में 'सिंपलगव' लागू करने की तैयारी, सरकारी प्रक्रियाओं को होगा सरल
- Rahul Sharma
- Jul 17, 2026
जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने गुरुवार को पूर्व आईएएस अधिकारी एवं तमिलनाडु सरकार के 'सिंपलगव' पहल के सलाहकार पी.डब्ल्यू.सी. डेविडार के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने तथा नागरिकों के लिए सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक में तमिलनाडु के 'सिंपलगव' मॉडल की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी गई, जिसमें सरकार से नागरिक, सरकार से व्यवसाय और सरकार से सरकार सेवाओं को सरल बनाने के उपाय बताए गए। प्रस्तुति में भौतिक दस्तावेज जमा करने, कई एनओसी, लाइसेंस एवं अन्य दोहराई जाने वाली प्रक्रियाओं को कम करने तथा ई-केवाईसी, डिजिलॉकर, ई-साइन और डिजिटल हस्ताक्षर जैसे डिजिटल माध्यमों के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में करीब 1,500 सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण पहले ही किया जा चुका है, जो प्रशासनिक सुधारों के अगले चरण के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। सुधारों की निगरानी के लिए बहु-स्तरीय व्यवस्था स्थापित करने, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक सशक्त समिति गठित करने तथा सभी विभागों के लिए एक व्यापक 'ओम्निबस ऑर्डर' जारी करने का भी प्रस्ताव रखा गया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सुधार लागू करने की पर्याप्त क्षमता और संस्थागत ढांचा मौजूद है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश के अधिकारियों का एक दल तमिलनाडु जाकर 'सिंपलगव' मॉडल का अध्ययन करे, ताकि वहां की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को जम्मू-कश्मीर में भी अपनाया जा सके। उन्होंने सभी विभागों से समयबद्ध तरीके से सुधार लागू करने और नागरिकों तक सरल एवं प्रभावी सेवाएं पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

