स्कॉस्ट-कश्मीर में अनुसंधान एवं विस्तार कार्यक्रमों की समीक्षा, किसान-केंद्रित शोध और नवाचार आधारित कृषि विकास पर दिया गया जोर

जम्मू। स्टेट समाचार
शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर (स्कॉस्ट-के) में अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति (आरईएसी) की 58वीं और 59वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं विस्तार कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए भविष्य की प्राथमिकताओं और कृषि प्रौद्योगिकी के विकास एवं प्रसार की रणनीति पर चर्चा की गई। कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई ने किसान-केंद्रित, मांग आधारित और प्रभावी अनुसंधान पर बल देते हुए कहा कि जैव-अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवसाय, जलवायु अनुकूल खेती, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्मों और किसान हितैषी तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि ये प्रयास कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के कई प्रकाशनों का विमोचन भी किया।
बैठक में कार्रवाई रिपोर्ट, नई फसल किस्मों के अनुमोदन, मिनीकिट परीक्षणों की प्रगति तथा विभिन्न संकायों और अनुसंधान केंद्रों से प्राप्त नए शोध प्रस्तावों की समीक्षा की गई। विश्वविद्यालय ने बताया कि अब तक 87 तकनीकों का किसानों तक हस्तांतरण किया गया है, आठ नई फसल किस्में जारी की गई हैं, 13 अन्य किस्मों को अनुमोदन के लिए आगे बढ़ाया गया है तथा 15 मिनीकिट परीक्षण शुरू किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने यह भी जानकारी दी कि समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी), कृषि विज्ञान केंद्रों, विस्तार निदेशालय और एमएसएमई समर्थित कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों किसानों और लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है। बैठक में कृषि विभाग, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रतिनिधियों, डीन, निदेशकों, वैज्ञानिकों और समिति के अन्य सदस्यों ने भाग लिया।

 

   

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