उपराज्यपाल ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक में चढ़ावे और दान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की
- Bhavana Jamwal Jamwal
- Jul 16, 2026
जम्मू, 16 जुलाई 2026: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की तथा पवित्र श्री माता वैष्णो देवी भवन में चढ़ावे और दान प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। कटरा स्थित स्पिरिचुअल ग्रोथ सेंटर में आयोजित बैठक में श्राइन बोर्ड के सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बलेश्वर राय, डॉ. अशोक भान, सुधा मूर्ति, गुंजन राणा, डॉ. के.के. तलवार, कुलभूषण आहूजा, ललित भसीन और सुरेश कुमार शर्मा सहित उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य, अतिरिक्त सीईओ आलोक कुमार मौर्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे और दान के संग्रह, गिनती, लेखा-जोखा, सुरक्षा और उपयोग की पूरी प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य प्रबंधन प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि श्राइन बोर्ड ने दानपात्रों, दान काउंटरों, ऑनलाइन माध्यमों तथा बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था विकसित की है। बोर्ड को सत्यापन प्रक्रिया, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और नियमित ऑडिट प्रणाली की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि चढ़ावे और दान से संबंधित सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग मानकों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं।
बैठक में बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के सुरक्षित रखरखाव, परिवहन, प्रसंस्करण और रिफाइनिंग के लिए अपनाए गए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की गई। इस कार्य के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और इंडिया गवर्नमेंट मिंट, हैदराबाद जैसी सरकार द्वारा अनुमोदित प्रतिष्ठित संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। विस्तृत समीक्षा के बाद श्राइन बोर्ड ने वर्तमान व्यवस्था की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया। बोर्ड ने श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित पवित्र चढ़ावे के प्रबंधन में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों, निगरानी प्रणाली, वित्तीय अनुशासन और जनविश्वास बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की।

