मुंबई, 09 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र की घोडबंदर की शिवसृष्टि परियोजना को नई गति मिल गई है। महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना के विकास की पूरी जिम्मेदारी महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल को सौंपने का निर्णय लिया है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का पूरा खर्च अब पर्यटन विभाग वहन करेगा। यह जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी है।
मंत्रालय में मंगलवार को पर्यटन मंत्री शंभूराजे देसाई के कार्यालय में इस परियोजना के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इसमें पर्यटन सचिव संजय खंदारे, मीरा-भायंदर मनपा की आयुक्त राधा बिनोद शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सरनाईक ने कहा कि घोडबंदर किला परिसर में विकसित होने वाली शिवसृष्टि से क्षेत्र में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
घोडबंदर किला, खाड़ी तट, स्काई वॉक और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लगभग 200 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई थी। परियोजना की कुल लागत में से 75 प्रतिशत निधि पर्यटन विभाग और शेष 25 प्रतिशत राशि संबंधित मनपा द्वारा उपलब्ध कराने का निर्णय उच्चस्तरीय समिति ने लिया था। लेकिन निर्णय प्रक्रिया और कार्यान्वयन में बेहतर समन्वय व परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए उन्होंने पर्यटन मंत्री शंभूराजे देसाई से पूरा व्यय पर्यटन विभाग द्वारा वहन करने का अनुरोध किया था।
पर्यटन मंत्री शंभूराजे देसाई ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। घोडबंदर में प्रस्तावित ‘शिवसृष्टि’ परियोजना का पूरा खर्च पर्यटन विभाग के अंतर्गत महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल द्वारा वहन किया जाएगा। इस निर्णय से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलेगी और इसके शीघ्र पूरा होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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