जम्मू-कश्मीर को यूटी बनाए जाने की सातवीं बरसी पर अलग-अलग संगठनों का प्रदर्शन, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
- Rahul Sharma
- Aug 06, 2026
उधमपुर । स्टेट समाचार
5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर राज्य का पुनर्गठन कर इसे जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख, दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। बुधवार को इस निर्णय की सातवीं बरसी के अवसर पर कांग्रेस पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस ने अपने-अपने स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किए तथा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सुमित मगोत्रा के नेतृत्व में हॉट एंड चिल्ली के पास एकत्र होकर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और कार्यकर्ताओं को मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर नारेबाजी की।
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमित मगोत्रा ने कहा कि 5 अगस्त जम्मू-कश्मीर के इतिहास का काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ अन्याय किया है। उनका कहना था कि इस फैसले के बाद युवाओं के भविष्य, रोजगार, भूमि अधिकारों और पहचान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मगोत्रा ने कहा कि प्रदेश का युवा अपने अधिकारों और रोजगार को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों की जमीनों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा कमजोर हुई है तथा जम्मू-कश्मीर की पहचान को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने तथा स्थानीय लोगों की नौकरियों, जमीनों और प्राकृतिक संसाधनों को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। मगोत्रा ने कहा कि राज्य का दर्जा उनका संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक के.सी. भगत, अनिल पचियाला, शशि मनहास, हंस राज ठाकुर, गुंजार सिंह, रामपाल भगत, ओ.पी. खोखर, कुलदीप मनहास, मनमोहन रैना, अशोक जंडियाल, देव राज, मंजीत भगत, तीरथ राम, मीन मोहम्मद, शिवम, विकास खजूरिया, सुरेंद्र केसरी, अरविंद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर, नेशनल कांफ्रेंस ने जिला ग्रामीण प्रधान राम पुरुषोत्तम शर्मा की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान जिला प्रधान सुनील वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। इस अवसर पर सुनील वर्मा ने कहा कि लोगों की पार्टी से काफी अपेक्षाएं हैं और नेशनल कांफ्रेंस उन्हें पूरा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने से लोगों के साथ अन्याय हुआ। उनका कहना था कि पार्टी की प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल कराना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में लंबे समय तक आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद कई प्रशासनिक कार्य उपराज्यपाल की मंजूरी पर निर्भर हो गए हैं। उनका कहना था कि चुनी हुई सरकार को पर्याप्त अधिकार मिलने चाहिए, ताकि वह प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।
धारा 370 व 35ए हटाने के समर्थन में निकाली तिरंगा रैली
वहीं दूसरी ओर, धारा 370 और 35ए हटाए जाने के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने उधमपुर में तिरंगा रैली निकाली। रैली मिनी स्टेडियम से प्रारंभ होकर गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, रामनगर चौक, हॉस्पिटल रोड, सैले तालाब, चबूतरा बाजार और मेन बाजार से होते हुए पुनः मिनी स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। इस संबंध में एडवोकेट अर्जुन ने कहा कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा राज्य का पुनर्गठन किया गया तथा धारा 370 को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पूरे देश में एक समान कानून लागू हुए और विकास को गति मिली। उन्होंने बताया कि इसी उपलक्ष्य में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया।

