11 दिन से भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक का वजन सात किग्रा से ज्यादा घटा
- Sanjay Kulshrestha
- Jul 09, 2026
नयी दिल्ली, जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन में 11 दिन से अनशन पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हालत बुधवार को और बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनका वजऩ सात किलोग्राम से ज़्यादा कम हो गया है। कॉजपा का प्रदर्शन 19 दिन से जारी है। इसमें कथित परीक्षा अनियमितताओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की मांग की जा रही है।
बुधवार सुबह जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम हो गया है, जिससे भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनके वजन में कुल सात किलोग्राम से ज्यादा की कमी आई है।
बैठने की स्थिति में उनका रक्तचाप (बीपी) 103/68 और लेटे हुए 111/73 दर्ज किया गया। उनकी दिल के धडक़ने की दर 74 प्रति मिनट, रक्त शर्करा स्तर 75 और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत दर्ज किया गया।
कॉजपा प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है और आरोप लगा रही है कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक ने छात्रों और उनके परिवारों की जिंदगी बर्बाद कर दी है।
कॉजपा ने उसके मूल एक्स हैंडल पर लगी रोक को हटाने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का मंगलवार को स्वागत किया।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन के लिए बड़ी जीत बताया।
उधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्यों- नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन ने प्रदर्शन स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।

