सनातन संस्कृति की रक्षा और संस्कारों का पोषण समय की पहली मांग : रविशंकर
- DSS Admin
- May 10, 2026
श्री सनातन धर्म समिति पंजाब की ओर से श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर मॉडल हाउस में इस वर्ष 14वां श्री सनातन धर्म सम्मेलन 31 मई को सुबह 10 बजे आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के आयोजन के संबंध में एक बैठक जेल रोड स्थित नाथां दी बगीची में की गई। इस मौके सम्मेलन के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में विचार चर्चा हुई और बताया गया कि सम्मेलन में भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति एवं संस्कृत की रक्षा आदि विषयों पर विद्वतगणों द्वारा विचार रखे जाएंगे। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष रविशंकर शर्मा ने कहा कि सत्य सनातन धर्म की मूल भावना है मानव कल्याण। सत्य, अहिंसा, दया तथा करूणा से युक्त समाज कल्याण को समर्पित वैदिक सनातन धर्म का प्रतिपादन करने वाले हमारे वेदों, पुराणों तथा उपनिषदों में वर्णित सनातन संस्कारों परंपराओं तथा मान्यताओं से जुड़ने के लक्ष्य को लेकर श्री सनातन धर्म सम्मेलन के आयोजन की परंपरा प्रारम्भ की गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में जिसको सम्पूर्ण विश्व हिन्दू संस्कृति के रूप में जानता है, वह वास्तव में वैदिक सनातन संस्कृति ही है, जिसका आधार हमारे वेद पुराण तथा उपनिषद हैं। युगों-युगों से सनातन धर्म की प्रतिष्ठा भारत भूमि पर रही है। और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा से भारतवर्ष अखण्ड रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने वेदों तथा उपनिषदों के माध्यम से आदि अनादि काल से सत्य, दया, समानता तथा करूणा से युक्त तथा मानवीय समाज को सुखमय बनाने वाले वैदिक सनातन ज्ञान गंगा की अविरल धारा का प्रवाह निरंतर बनाए रखा और सदैव सनातन परंपरा को प्रतिष्ठित रखा। आज उसी सनातन परंपरा की प्रतिष्ठा का रक्षण तथा उसे धारण करना आज हमारा परम कर्तव्य है। यहां मनोज नन्हा, राहुल बाहरी, अशोक शर्मा, किशन लाल शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, विजय सेठी, संजीवन, गुलशन सभ्रवाल, प्रवीण कोहली, नवजोत शर्मा, यश पहलवान, जुगल जोशी, संदीप खोसला, सुरेश अरोड़ा व अन्य लोग उपस्थित थे।

