वर्तमान में न्याय व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां है: जस्टिस शर्मा

हरिद्वार, 9 नवंबर (हि.स.)। पूर्व से हमारे कानून में बहुत जटिलताएं हैं, जो वर्तमान भारतीय न्याय व्यवस्था के सामने चुनौतियां के रुप में विद्यमान हैं, ऐसी स्थिति में वकीलों को आगे बढ़कर समाधान करना होगा। उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के पूर्व न्यायमूर्ति वीके शर्मा ने उत्तराखंड अधिवक्ता परिषद देवभूमि के दो दिवसीय बैठक में न्याय व्यवस्था के सामने चुनौतीयां विषय पर संबोधित कर उक्त विचार रखें।

रविवार को प्रेमनगर आश्रम स्थित गोवर्धन हॉल में बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता व पूर्व जस्टिस शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने कानून अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए बनाया था, भारत देश कहीं नहीं था। वर्ष 1935 में जो कानून में बदलाव हुए वह बहुत कम रहे थे। पूर्ण आजादी के बाद भी वहीं कानून व्यवस्था चलती रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था के सामने भूत, वर्तमान व भविष्य में चुनौतियां मौजूद है, जिस पर न्यायपालिका, विधायिका व अधिवक्ताओं को विचार विमर्श करना चाहिए। हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन कर न्याय व्यवस्था के उद्देश्य प्राप्त कर सकते हैं। न्याय व्यवस्था निष्पक्ष होनी चाहिए, अन्यथा व्यवस्था से विश्वास उठने पर समाज व राष्ट में अराजकता व विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के सुधार में बहुत कमी है, जिससे हमारे प्रयासों को सही परिणाम की धीमी गति है। अभी लक्ष्य दूर है, इसलिए अधिक सुधारों की आवश्यकता है। प्रत्येक अधिवक्ता को वादकारी को शीध्र न्याय दिलाने के लिए केस पर चर्चा करें, क्योंकि देखने में आता है कि वकील अपने वादकारियों से केस पर चर्चा नहीं करते हैं, जिससे आप अपनी सही बात जज के सामने नहीं रख पाते, जिससे हम वादकारी को उचित न्याय दिला पाने में सफल नहीं हो रहे हैं। पूर्व जस्टिस शर्मा ने कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केस की पेंडेंसी खत्म,जजों की कमी पूरी व समुचित संसाधन की आवश्यकता जरूरी है।

जन केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली विषय पर बतौर अतिथि दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सीमा सिंह ने कहा कि अधिवक्ता परिषद के अथक प्रयास से प्राचीन कानून पुस्तक ज्यूरिस प्रूडेंस को विषय के रूप में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने पाठयक्रम में शामिल कर लिया है। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय मंत्री चरण सिंह ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगडी के वर्ष 1992 से स्थापित अधिवक्ता परिषद निरंतर कानूनी क्षेत्र में सुधार व देश हित के मुद्दों पर समाज का मार्गदर्शन कर रहा है।

अधिवेशन में वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर पुन प्रदेशाध्यक्षा जानकी सूर्या, प्रदेश महामंत्री अनुज कुमार शर्मा व कोषाध्यक्ष संदीप टंडन की घोषणा की गई है। जल्द ही, उक्त पदाधिकारी समस्त प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करेंगे। कार्यक्रम में आरएसएस प्रांत प्रचारक डॉ शैलेन्द्र, सह जिला कार्यवाह भूपेंद्र, राष्ट्रीय मंत्री चरण सिंह,प्रदेश संयोजक विपिन कुमार, प्रदेश अध्यक्ष जानकी सूर्या, उपाध्यक्ष राजेश सिंह राठौर, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र चौहान, आदेश चौहान, महेश चौहान, ऋषिपाल, टिहरी से खेमराज सेमवाल, लक्ष्मीप्रसाद उनियाल व ओंकार मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

   

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