लुधियाना में नहीं थम रहे पराली जलाने के मामले:AQI- 250 पहुंचा, नोडल अफसर नियुक्त, फिर भी किसान लगा रहे आग
- Admin Admin
- Nov 02, 2025
लुधियाना शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से शहर का अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 250 के आसपास है। जिसे सामान्य लोगों के लिए खतरनाक माना जाता है। डीसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने वालों पर नजर रखने के लिए नोडल अफसर नियुक्त किए हैं फिर भी किसान पराली को आग लगा रहे हैं। गांवों में पराली न जले इसके लिए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने निगरानी रखने के लिए हर गांव में नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। लुधियाना जिले में 900 से अधिक गांव हैं और डीसी ने हर गांव के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया है, ताकि वो पराली जलाने वालों पर नजर रख सकें। इसके बावजूद पराली जलाने के केस कम नहीं हो रहे। पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण दिवाली की रात को अधिकतम AQI लेवल 474 रहा जो कि 22 अक्तूबर को 385 हो गया। 24 अक्तूबर को यह घटकर 307 हो गया। 28 अक्तूबर को यह और कम होकर 198 तक पहुंचा। उसके बाद पराली जलने के मामले बढ़े तो 30 अक्तूबर को AQI लेवल 212 हो गया। वहीं एक नवंबर को फिर से यह लेवल 253 हो गया। 13 जगहों पर जलाई गई पराली लुधियाना जिले में 13 जगहों पर पराली जलाने के एक्टिव केस डिटेक्ट किए गए। प्रशासन पराली जलाने वालों पर सैटेलाइट के जरिए नजर रख रहा है। जहां जहां पराली जलाई जाती हे वहां की रिपोर्ट तुरंत संबंधित जिला प्रशासन को दी जाती है। पराली जलाने के कारण शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है। एसडीएम व तहसीलदार स्तर के अफसर रख रहे नजर डीसी के निर्देश पर एसडीएम ने अपने अपने क्षेत्रों में ग्रामीण स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। इनकी जिम्मेदारी पराली को आग लगाने वाले किसानों पर नजर रखने की है। जैसे ही कोई किसान आग लगाता है तो वो संबंधित पटवारी को सूचना दे देगा और पटवारी संबंधित तहसीलदार या एसडीएम को सूचित करेगा। डीसी ने नंबर समेत नोडल अफसरों की सूची जारी की डीसी हिमांशु जैन ने जिले के सभी गांवों के लिए नियुक्त नोडल अफसरों की सूची जारी और लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी पराली को आग लगाने की घटनाएं नजर आती हैं तो संबंधित नोडल अफसर या एसडीएम को सूचित करें। थानों के एसएचओ को भी अलर्ट रहने के निर्देश डीसी ने पुलिस कमिश्नरेट, एसएसपी देहाती और एसएसपी खन्ना को कहा है कि वो अपने अपने क्षेत्र के थाना इंचार्जों को निर्देश दें कि जहां भी पराली जलाने के केस सामने आते हैं, वहां पर तुरंत पहुंचकर कार्रवाई करें।



