‘श्रद्धार्घ्य परिवार’ की पहल पर गौरहरी दत्त को किया गया सम्मानित

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पश्चिम मेदिनीपुर, 09 नवम्बर (हि. स.)। मादपुर के निकट अभिरामपुर गांव में ‘श्रद्धार्घ्य परिवार’ की ओर से समाजसेवी गौरहरी दत्त को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शनिवार शाम उनके दीर्घ जीवन और समाजसेवा को ध्यान में रखते हुए ‘माधवरूपे पूजा’ का आयोजन किया गया।

समारोह में गौरहरी दत्त महाशय को उनके कार्यमय जीवन की विशेषताओं को स्मरण कर मानपत्र, पद्यअर्घ्य, नैवेद्य और वस्त्र भेंट किए गए। श्रद्धार्घ्य परिवार की ओर से गौतम सेन ने पूजा-अर्चना और श्रद्धा अर्पित की।

इस मौके पर समाजसेवी और आरएसएस के विभाग प्रचारक रजत राय ने गौरहरी दत्त महाशय को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की।

उल्लेखनीय है कि गौरहरी दत्त ने 1975 के आपातकाल के दौरान 21 महीने की कठिन कारावास झेला और उस समय अमानवीय अत्याचार का सामना किया। वे असाधारण वक्ता के रूप में लगभग 65 स्थानों पर रामायण और महाभारत पर प्रवचन दे चुके हैं, जिसने समाज जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मेदनीपुर विभाग के सह संपर्क प्रमुख और श्रद्धार्घ्य परिवार के सचिव अशोक कुमार पड़िया ने बताया कि यह उनका 25वां श्रद्धा कार्यक्रम है और 2026 तक 100 राष्ट्रसेवी व्यक्तियों को सम्मानित करने का लक्ष्य रखा गया है। परिवार की ओर से डॉ. मृणाल मंडल (अध्यापक, आईआईटी खड़गपुर) ने कहा, “‘योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय’ —कर्मयोग में आसक्ति रहित होकर कर्तव्य पालन करने का यही संदेश है।”

गौरहरी दत्त के परिवार के सदस्य नित्यानंद दत्त और उनकी पुत्री पांचाली दत्त ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया। साथ ही तपन दत्त, रतन दत्त, स्वपन दत्त और किंकर दत्त ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में उनके नाती शौर्य और नातिन राधारानी ने गीता के श्लोकों का पाठ एवं संगीत प्रस्तुत किया।

श्रद्धार्घ्य परिवार ने लगभग 100 गणमान्य व्यक्तियों को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की। समारोह का समापन सह-सभापति विश्वंभर घोष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और कल्याण मंत्र के साथकिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

   

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