हाईकोर्ट ने आनंदपुर साहिब में माइनिंग पर लगाई रोक:टेंडर और मंजूरी के दस्तावेज मांगे; तस्वीरों और वीडियो पर जताई नाराजगी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब क्षेत्र में पुल के नीचे चल रही माइनिंग और डिसिल्टिंग गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित स्थल पर चल रही सभी गतिविधियों पर 16 जून तक तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर यह बताया जाए कि संबंधित क्षेत्र में माइनिंग या डिसिल्टिंग के लिए टेंडर कब जारी किया गया था, किस एजेंसी या ठेकेदार को काम सौंपा गया और यह कार्य किस कानूनी तथा प्रशासनिक अनुमति के आधार पर किया जा रहा है। अदालत ने इससे जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज पेश करने के आदेश भी दिए हैं। मामला स्थानीय निवासी प्रेम दत्त शर्मा की ओर से दायर याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट पहुंचा था। याचिका में आरोप लगाया गया कि आनंदपुर साहिब को पंजाब के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल के नीचे अवैध माइनिंग की जा रही है। इससे पुल की मजबूती पर असर पड़ सकता है और आसपास के पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मामले की पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर से भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया गया। हालांकि सरकार ने बताया कि मौके पर पीडब्ल्यूडी का काम चल रहा है। इस पर हाई कोर्ट ने पूछा कि यह काम किस आदेश, मंजूरी या ठेके के तहत किया जा रहा है। अदालत ने सरकार को अगली सुनवाई पर इससे जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए। तस्वीरों और वीडियो का भी अदालत ने लिया संज्ञान सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई तस्वीरों और वीडियो पर भी चर्चा हुई। हाई कोर्ट ने कहा कि इन्हें देखने से पहली नजर में लगता है कि पुल के नीचे हो रही खुदाई और सामग्री निकालने का काम पुल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। अदालत ने कहा कि जब तक मामले की पूरी जानकारी और जरूरी दस्तावेज सामने नहीं आते, तब तक स्थिति को यथावत रखना जरूरी है। इसी वजह से 16 जून तक वहां माइनिंग, डिसिल्टिंग और अन्य सभी संबंधित गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। काम के लिए ली मंजूरियों का रिकॉर्ड मांगा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर टेंडर, ठेकेदार की नियुक्ति और काम के लिए ली गई सभी मंजूरियों का पूरा रिकॉर्ड पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी।

   

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