कमरे में बंद कर प्रताडि़त किया, बाल कल्याण समिति ने किया रेस्क्यू
जोधपुर, 3 नवंबर (हि.स.)। एक नाबालिग को शादी की नीयत से बिहार से खरीद कर जोधपुर लाया गया। यहां एक दलाल के जरिये उसकी शादी करवाई गई। इसके बाद उसको मकान में ही बंद रखा गया और पिछले छह माह से प्रताडि़त किया जा रहा है। यह बात बाल कल्याण समिति के सामने तब आई, जब उसकी काउंसलिंग की गई।
समिति के अध्यक्ष विक्रम चेतन सरगरा ने बताया कि इस बालिका का रेस्क्यू सूचना मिलने पर पुलिस की मदद से किया गया था। इसके बाद इस बालिका को समिति के समक्ष पेश किया गया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। उन्होंने बताया कि बालिका जब समिति के समक्ष पेश हुई तो सहमी हुई थी और कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। दो-तीन दिन तक लगातार उसे विश्वास में लेकर बातचीत की तो पता चला कि उसके पिता कि मृत्यु के बाद उसके घर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
लगभग छह माह पहले जोधपुर से एक दलाल के माध्यम से उसकी शादी जोधपुर में करा दी गई। उसकी एवज में दलाल को 1.50 लाख रुपये दिए गए। शादी के कुछ दिन बाद ही बच्ची से दुव्र्यवहार करने लगे, बालिका को एक कमरे में ही बंद रखा जाता था। उसे जब शौच के लिए बाहर बने बाथरूम जाना पड़ता तो बाथरूम को भी ताला लगाया गया। एक बार उल्टी होने पर थोड़ी शक्कर खाई तो उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई।
बिहार पुलिस से किया सपर्क
बालिका के उम्र संबंधित दस्तावेज़ के लिए बिहार राज्य के जिला बाल सरंक्षण इकाई से संपर्क कर बालिका के बताए गए विद्यालय से प्रमाणित दस्तावेज़ मंगवाए गए। दस्तावेज़ प्राप्त होते ही संबंधित थाने को एफआइआइ दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा गया है और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। विक्रम चेतन सरगरा ने बताया कि बालिका अन्य राज्य की है वह मां व भाई के साथ जाना चाहती है। ऐसे में उसके हित को देखते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित बाल कल्याण समिति को पत्रावली भेजी जाएगी। इस कार्रवाई में बाल कल्याण समिति के सदस्य बबीता शर्मा, जय भाटी, गंगाराम देवासी व अनिल मरवन मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश



