एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ा रहा है उत्तराखंड: महाराज
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- Nov 06, 2025
देहरादून, 6 नवंबर (हि.स.)। धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस एक भारत-श्रेष्ठ भारत का सपना देखा आज उत्तराखंड उसी भावना को आत्मसात कर आगे बढ़ा रहा है।
प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज गुरुवार को केवड़िया (गुजरात) में राष्ट्रीय एकता दिवस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को लेकर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए संबोधित कर रहे थे।। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में उत्तराखंड को अपनी संस्कृति, व्यंजन, पर्यटन संभावनाओं और 25 वर्षों की विकास यात्रा को प्रस्तुत करने का सौभाग्य मिला, जो कि हमारे लिए गर्व की बात है। उत्तराखंड अपनी स्थापना की रजत जयंती वर्ष मना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चहुंमुखी विकास हुआ है।
महाराज ने कहा कि इस आयोजन में आईएचएम देहरादून, जीएमवीएन, केएमवीएन, संस्कृति विभाग तथा उद्योग विभाग की ओर से जहां एक ओर उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन भट्ट की चुड़कनी, कुमाऊँनी रायता, झंगोरे की खीर, गहत की दाल, मंडुए की रोटी सहित अन्य व्यंजन आने वालों को परोसे जा रहे हैं। जिनकी लोग प्रसंशा कर रहे हैं। कार्यक्रम में उत्तराखंड के कलाकारों ने लोक नृत्य के साथ गढ़वाली, कुमांऊनी एवं जौनसारी गीतों का भी लोग जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मंडप में कुमाऊं और गढ़वाल की संस्कृति, परिधान, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, रिंगाल कला, हॅप उत्पाद, जड़ी-बूटियों और हाउस ऑफ हिमालयाज के पर्वतीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है।
इस मौके पर गुजरात के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री कनु भाई देसाई, वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के प्रशासक और सीईओ आईएएस अमित अरोड़ा, नांदोद विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. दर्शना चंदूभाई देशमुख वसावा, नर्मदा जिले के कलेक्टर संजय के. मोदी एवं डीसीएफ अग्निश्वर व्यास आदि मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय एकता दिवस तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को लेकर केवड़िया, गुजरात में 1 से 15 नवंबर 2025 तक कार्यक्रम चल रहे हैं। इस कार्यक्रम में देश के समस्त राज्यों ने अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पर्यटन एवं विकास यात्रा को प्रस्तुत किये हैं। इस अवसर पर देवभूमि उत्तराखण्ड ने भी अपनी अद्भुत संस्कृति, विरासत, साहसिक पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक गरिमा को प्रदर्शित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार


