चंडीगढ़ में वर्क परमिट के नाम पर 8.20 लाख ठगे:कोर्ट बोला- स्मार्ट इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स रकम लौटाए,आरोपी पक्ष एक्स-पार्टी हो गया

चंडीगढ़ में कनाडा वर्क परमिट दिलाने के नाम पर ली गई रकम वापस न करने के मामले में चंडीगढ़ कोर्ट ने फैसला सुनाया। एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सचिन यादव की अदालत ने देव राज व जसबीर सिंह की रिकवरी सूट पर सुनवाई करते हुए स्मार्ट इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स जालंधर तथा इसके प्रोप्राइटर कमलजीत को 8,20,000 रुपए मूल राशि के साथ ब्याज सहित रकम वापस करने का आदेश दिया। जानिए पूरा मामला क्या है कोर्ट में दायर याचिका में प्लेंटिफ ने बताया कि उन्होंने अखबार में विज्ञापन देखा और उसी के भरोसे कनाडा वर्क परमिट बनवाने के लिए आरोपी से संपर्क किया। पासपोर्ट और दस्तावेज जमा करवाने के बाद 8,20,000 रुपए आरोपी के खाते में 11 किस्तों में ट्रांसफर किए गए। आरोपी ने 3 महीने में वीजा न लगने पर पूरी रकम लौटाने का हलफनामा भी दिया था। बाद में फ्लाइट टिकट भेजकर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया गया, लेकिन वहां आरोपी से संपर्क नहीं हुआ। जब प्लेंटिफ ने अपनी रकम वापस मांगी, तो कमलजीत ने 8 लाख का चेक दिया, लेकिन बैंक में पैसे न होने की वजह से चेक दोनों बार बाउंस हो गया।​​​​​​​ इसके बाद लीगल नोटिस और 156(3) की शिकायत भी की गई। आरोपी पक्ष एक्स-पार्टी हो गया अदालत में आरोपी पक्ष हाज़िर नहीं हुआ, इसलिए केस एक्स-पार्टी चला। प्लेंटिफ ने जो भी सबूत दिए हलफनामा, बैंक स्टेटमेंट, चेक और चेक बाउंस मेमो सब बिना किसी आपत्ति के कोर्ट रिकॉर्ड पर मान लिए गए। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने पैसे लिए, वीज़ा नहीं लगवाया और जो चेक दिया वह भी बाउंस हो गया, इसलिए पूरी रकम लौटाना उसकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने 8,20,000 रुपए वापस दिलाने का आदेश दिया और कहा कि रकम दिए जाने की तारीख से लेकर डिक्री तक 9% वार्षिक ब्याज और डिक्री के बाद भुगतान होने तक 6% ब्याज लगाया जाएगा।