नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) से जुड़ी सामने आ रही कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे गंभीर प्रश्नों पर चिंता व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पत्रकार रिपोर्ट्स, एनटीए एवं जांच एजेंसियों के सामने लाई जा रही जानकारी ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न की है।
अभाविप ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए तथा इसमें संलिप्त पाए जाने वाले दोषियों, परीक्षा-माफियाओं एवं किसी भी स्तर पर सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जांच पूर्ण होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करे।
अभाविप का स्पष्ट मत है कि प्रवेश परीक्षाओं की सुचिता एवं विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। यदि परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र अथवा उससे जुड़े प्रश्न कुछ लोगों तक पहुंचे हैं, तो यह केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात नहीं बल्कि वर्षभर मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी परीक्षाओं में सम्मिलित होते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके मनोबल एवं भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसलिए आवश्यक है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।
सोलंकी ने कहा कि अभाविप लगातार यह मांग कर रही है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि अभाविप सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को यह आश्वस्त करती है कि विद्यार्थियों के हित, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था एवं न्याय सुनिश्चित करने हेतु विद्यार्थी परिषद निरंतर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
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