निबंधन मित्रों की नियुक्ति के विरोध में देवरिया में अधिवक्ताओं ने ठप किया कामकाज, जताया विरोध

देवरिया, 30 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया के तहसील बार एसोसिएशन देवरिया की आमसभा की बैठक मंगलवार को अध्यक्ष मुगुल किशोर तिवारी की अध्यक्षता तथा महासचिव विजय सेन यादव के संचालन में हुई। बैठक में सरकार द्वारा निबंधन मित्रों की नियुक्ति संबंधी आदेश और आधार कार्ड से जुड़े महानिरीक्षक निबंधन के निर्देशों का सर्वसम्मति से विरोध करते हुए आंदोलन का निर्णय लिया गया।

बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि निबंधन मित्रों की नियुक्ति का निर्णय अधिवक्ताओं और दस्तावेज़ लेखकों (नवीस) के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इसे काला कानून बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इसके साथ ही महानिरीक्षक निबंधन, लखनऊ द्वारा जारी उस आदेश का भी विरोध किया गया, जिसमें आधार कार्ड को केवल पहचान पत्र माना गया है तथा पारिवारिक संबंधों का प्रमाण नहीं माना जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी होगी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है।

आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 जून से निबंधन कार्यालय में पंजीकरण संबंधी कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही तहसील न्यायालयों में भी निबंधन संबंधी कार्यों में सहयोग नहीं देने का फैसला लिया गया। अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय में पूर्ण रूप से तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन भी किया।

बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार निबंधन मित्रों से संबंधित आदेश और महानिरीक्षक द्वारा जारी आधार कार्ड संबंधी निर्देश वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

धरना-प्रदर्शन में महासचिव विजय सेन यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, शशिभूषण पांडेय, अभय बी., राजेंद्र लाल, संतोष मणि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पांडेय, विनोद सिंह, राकेश कुमार शाही, राजाराम सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं दस्तावेज़ लेखक उपस्थित रहे।

   

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