

सीवान, 05 जुलाई (हि.स.)।
जिले में एमएच नगर थाना क्षेत्र के गोपी पतियाव गांव में रविवार को कोर्ट के आदेश पर स्थानीय जांच के लिए पहुंचे एडवोकेट कमिश्नर की टीम पर हमला होने का मामला सामने आया है।
एडवोकेट कमिश्नर ने विपक्षी पक्ष पर गाड़ी में तोड़फोड़, बंधक बनाने और मारपीट का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह दो पक्षों के बीच आपसी विवाद था और एडवोकेट कमिश्नर पर कोई हमला नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, सिविल जज (वरीय कोटि-7) के आदेश पर नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर वार्षिकेय अपने सहयोगी अधिवक्ता अरुणेश सिंह के साथ स्थानीय जांच के लिए गोपी पतियाव गांव पहुंचे थे।
आरोप है कि जैसे ही उनकी गाड़ी मौके पर पहुंची, विपक्षी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान एडवोकेट कमिश्नर और उनके सहयोगी को कथित रूप से बंधक बना लिया गया। हमले में अधिवक्ता अरुणेश सिंह घायल हो गए, जबकि एडवोकेट कमिश्नर बाल-बाल बच गए।
घटना की सूचना मिलने पर एमएच नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को मुक्त कराया। पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
घायल अधिवक्ता का इलाज हसनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।
एडवोकेट कमिश्नर ने बताया कि मामले में एमएच नगर थाने में लिखित शिकायत दी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
थाना अध्यक्ष राजीव पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दो पक्षों के आपसी विवाद का है। उनके अनुसार, कोर्ट द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर पर कोई हमला नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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