सरकारी बांड की 30 लाख की राशि चुकाने के लिए बंगाल के डॉक्टर ने मांगी जनसहयोग
- Admin Admin
- Jan 06, 2026
कोलकाता, 6 जनवरी (हि.स.)। राज्य के वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक पद से इस्तीफा देने के बाद जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो ने सरकारी बांड की 30 लाख की राशि चुकाने के लिए आम लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है। अनिकेत महतो राज्य के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर चले आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।
सोमवार रात अनिकेत महतो ने सोशल मीडिया पर एक क्यूआर कोड साझा किया, जिसमें उनका बैंक खाता विवरण दिया गया है। यह खाता सॉल्ट लेक स्थित साउथ इंडियन बैंक की शाखा का बताया गया है। नियमों के अनुसार सरकारी वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक पद एक बांडेड सेवा होती है और बीच में पद छोड़ने पर सरकार को निर्धारित राशि का भुगतान करना होता है।
क्राउडफंडिंग के जरिए मदद मांगने को लेकर अनिकेत महतो ने मीडिया से कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के बांड के तहत वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि विद्यासागर, विवेकानंद, रवींद्रनाथ और शरतचंद्र उनके प्रेरणास्रोत रहे हैं। बांड की शर्तों के अनुसार उन्हें सरकार को 30 लाख की राशि चुकानी है, जो उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर है। इसी कारण उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
सोमवार को अनिकेत महतो ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक और स्वास्थ्य सेवा निदेशक को पत्र भी भेजा। पत्र में उन्होंने लिखा कि समय पर उन्हें वैध नियुक्ति नहीं दी गई, जिससे उनका कीमती शैक्षणिक समय बर्बाद हुआ और उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इसी कारण वह वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक पद पर दोबारा कार्य करने के इच्छुक नहीं हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की पढ़ाई करदाताओं के पैसे से होती है, इसी वजह से जिलों में सेवा देने की बाध्यता होती है। यदि यह शर्त पूरी नहीं की जाती तो मुआवजे का प्रावधान है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जब तक अनिकेत महतो 30 लाख की बांड राशि जमा नहीं करते, तब तक उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
इस बीच, रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ने इस पूरे मुद्दे पर बैठक बुलाने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि, अनिकेत महतो अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के बाद हुए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इसे व्यक्तिगत रूप से पीड़ादायक फैसला बताया था और संगठन के कुछ आंतरिक फैसलों से असहमति के संकेत दिए थे।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



