मांगों व समस्याओं का हल करने की मांग, हड़ताल में होंगी शामिल
हिसार, 20 जनवरी (हि.स.)। अपनी विभिन्न मांगे व समस्याएं हल करवाने की मांग
पर आशा वर्करों ने जिले के नागरिक अस्पताल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कियौ। प्रदर्शन
उपरांत आशा वर्करों ने अस्पताल प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन
सौंपा। इस अवसर पर आशा वर्करों ने 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल
होने का भी ऐलान किया।
जिला प्रधान सीमा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आशा वर्करों ने मंगलवार काे मांग की कि उनका
मानदेय बढ़ाया जाए, प्रोत्साहन राशि में की गई कटौती वापस ली जाए और भुगतान समय पर
सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्हें कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का
लाभ और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए। आशा वर्करों ने चेतावनी दी कि यदि
उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी।
आशा वर्कर अनीता ने कहा कि आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं, जो ग्रामीण
और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें
लंबे समय से मानदेय, प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाओं के मामले में उपेक्षा का सामना
करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में लगातार काम करने के बावजूद आशा
वर्करों को उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा।
अनीता ने बताया कि कई बार प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) समय पर नहीं मिलती, जिससे
आशा वर्करों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा,
अवकाश, बीमा और स्थायी सेवा नियमों जैसी मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं। आशा वर्करों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात तो
करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा वर्करों की समस्याओं पर ध्यान नहीं
दिया जा रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर



