असम का 2026-27 का बजट अगले पांच साल का विजन तय करेगा : मुख्यमंत्री
- DSS Admin
- Jul 05, 2026
-कैबिनेट बैठक में एमएसएमई पर खास जोर
गुवाहाटी, 05 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नए कार्यकाल का पहला बजट, डॉ हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार की अगले पांच साल की योजनाओं को सामने रखेगा।
आगामी सोमवार से आहूत होने वाले बजट सत्र से पहले आज कैबिनेट की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह बजट विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा द्वारा जारी 'संकल्प पत्र' (घोषणापत्र) के आधार पर तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा, यह हमारी पांच साल की योजना है। जैसे 2021 में हमने सिर्फ़ एक साल की नहीं, बल्कि अगले पांच साल की बात की थी। यह बजट हमारे घोषणापत्र के अनुसार सरकार की पांच साल की योजना को पेश करेगा।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बजट में कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), उद्योग, एमएसएमई, रोजगार और स्वयं-सहायता समूहों जैसे क्षेत्रों की ओर इशारा किया। उन्होंने दोहराया, यह अगले पांच साल के लिए एक आर्थिक विजन होगा।
21 दिन के बजट सत्र में क्या होने वाला है, इसकी एक झलक देते हुए कैबिनेट ने 'असम एमएसएमई फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एंड ऑपरेशन्स बिल 2026' को मंज़ूरी दी।
बिल के प्रावधानों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे उद्यम अब पहले तीन साल तक बिना सरकारी मंज़ूरी के अपनी यूनिट्स (सुविधाएं) शुरू कर सकेंगे; उन्होंने इसे छोटे उद्यमियों की मदद की दिशा में एक कदम बताया।
उन्होंने कहा, वे नियमों के अनुसार आवेदन जमा करेंगे। सरकार तक आवेदन पहुंचने का इंतज़ार किए बिना ही वे अपनी यूनिट्स शुरू कर सकेंगे। यह सिर्फ़ छोटे उद्योगों के लिए है, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई किसी जिले में इंडस्ट्रियल एरिया (औद्योगिक क्षेत्र) के भीतर उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव देता है, तो उद्योग विभाग द्वारा 'सिंगल-विंडो क्लीयरेंस' के जरिए सभी मंज़ूरियां दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन अगर प्रस्तावित उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया के भीतर नहीं है, तो उन्हें सभी ज़रूरी विभागों से मंज़ूरी लेनी होगी। यह छूट सिर्फ इंडस्ट्रियल एस्टेट्स के भीतर प्रस्तावित उद्योगों के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि यह छूट 'असम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (संशोधन) एक्ट' के तहत दी गई है और इसे प्रशासन में लालफीताशाही को खत्म करने के लिए मंज़ूरी दी गई है।
24x7 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम बनाना
कैबिनेट ने एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मंज़ूरी दी है, जो 112 नंबर डायल करने पर उपलब्ध होगा। इसमें पुलिस, फायर, हेल्थ और आपदा प्रबंधन सेवाओं को एक ही, 24x7 चलने वाले, टेक्नोलॉजी-आधारित इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लेटफ़ॉर्म में जोड़ा जाएगा। देरगांव में लचित बरफुकन पुलिस अकादमी में एक नया इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ईआरसी) बनाया जाएगा। असम पुलिस इमरजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम (एपीईएमएस) प्रोजेक्ट (डायल-112) को लागू करने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) को शामिल किया जाएगा।
बिस्वनाथ में डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
कैबिनेट ने बिस्वनाथ में दूध इकट्ठा करने के लिए बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) / चिलिंग सेंटर बनाने के लिए कैरा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड (एएमयूएल) को 33 बीघा ज़मीन लीज़ पर देने की मंज़ूरी दी है। इससे दूध इकट्ठा करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने, कोल्ड स्टोरेज को मज़बूत करने और रोज़गार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
किफायती उपायों में ढील
कैबिनेट ने मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर लगी रोक हटाकर, पहले घोषित किफ़ायती उपायों में आंशिक ढील को मंज़ूरी दे दी है।
छोटे खनिजों (माइनर मिनरल्स) के लिए नए नियम बनाना
कैबिनेट ने 'असम माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स, 2013' में संशोधन करके 'असम माइनर मिनरल कंसेशन (संशोधन) रूल्स, 2026' को मंज़ूरी दे दी है। ये नियम कामकाज में कमियों, मौसम के कारण सप्लाई में रुकावट और नियमों को लागू करने के अपर्याप्त तरीकों जैसी समस्याओं को दूर करके असम में खनिज प्रबंधन को आधुनिक बनाएंगे। वहीं पड़ोसी राज्यों से छोटे खनिज (सिर्फ़ रेत और पत्थर) लाने वाले सभी वाहनों को 7150 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर का शुल्क देना होगा। साथ ही, कोई भी छोटा खनिज ले जाने वाले सभी वाहनों पर 200 रुपये प्रति वाहन ट्रांज़िट फ़ीस भी लगेगी।
असम विधानसभा के बजट सत्र में पेश किए जाने वाले बिल
कैबिनेट ने असम विधानसभा के आगामी सत्र में जिन बिल को पेश करने की मंजूरी दी है उनमें मुख्य रूप से असम पर्यटन (विकास और पंजीकरण) (संशोधन) बिल, 2026; असम दुकानें और प्रतिष्ठान (संशोधन) बिल, 2026। असम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और संचालन में सुविधा) बिल, 2026। असम ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस (संशोधन) बिल, 2026। असम जन विश्वास बिल, 2026। गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएससीडीए) बिल, 2026। असम भूमि और राजस्व विनियमन (संशोधन) बिल, 2026 आदि शामिल हैं।
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