पूसीरे (निर्माण) के महाप्रबंधक ने बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन परियोजना का संरक्षा निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की

गुवाहाटी, 21 मई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) निर्माण के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने 20 मई को अपने दौरे के दौरान एकलाखी–बालुरघाट तथा बालुरघाट–हिली सेक्शनों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर समीक्षा की। इस दौरान बालुरघाट–हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत रेलवे अवसंरचना, पटरियों की स्थिति, स्टेशन विकास कार्यों, पुलों, यात्री सुविधाओं, परिचालन तैयारियों तथा निर्माण गतिविधियों की समग्र प्रगति का आकलन किया गया।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार काे बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में 29.257 किलोमीटर लंबे बालुरघाट–हिली नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना का निर्माण 1181.09 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 156.38 हेक्टेयर भूमि का 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पहले ही पूरा किया जा चुका है तथा भूमि रेलवे को हस्तांतरित कर दी गई है। परियोजना के अंतर्गत 11 बड़े पुल, 43 छोटे पुल, स्टेशन भवन, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी), स्टाफ क्वार्टर, ट्रैक निर्माण तथा अन्य संबंधित रेल अवसंरचना कार्यों का निर्माण शामिल है। परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 निर्धारित की गई है।

निरीक्षण के दौरान भविष्य में सुरक्षित एवं विश्वसनीय ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा मानकों, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पुल निर्माण कार्यों की प्रगति, स्टेशन अवसंरचना, यूटिलिटी शिफ्टिंग और परिचालन तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। महाप्रबंधक ने परियोजना के अंतर्गत निष्पादित किए जा रहे महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की, जिनमें बड़े पुल, छोटे पुल, रोड ओवर ब्रिज, रोड अंडर ब्रिज तथा स्टेशन संबंधी विकास कार्य शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान बालुरघाट–कुमेदपुर तथा लाभा-कुमेदपुर सेक्शनों में चल रहे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कार्यों का भी आकलन किया गया।

सेक्शन में 21 मई को संरक्षा संबंधी पहलुओं तथा चल रहे विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा के लिए ट्रॉली से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कटिहार मंडल के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह दौरा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, सुरक्षा मानकों को और बेहतर करने तथा विकासात्मक गतिविधियों में तेजी लाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे इस क्षेत्र में अधिक सुरक्षित, तेज एवं कुशल रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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