

लखनऊ, 12 मई (हि.स.)। राजधानी लखनऊ में बड़े मंगल की परम्परा वर्षों पुरानी है। 'बड़ा मंगल' की पावन परम्परा की दिव्यता की अनुभूति करने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मंगलवार को लखनऊ आये। पर्यावरण गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक गोपाल आर्य,अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल और मंगलमान की टीम के साथ सह सरकार्यवाह ने लखनऊ के अलग—अलग स्थानों पर चल रहे भण्डारे में शामिल हुए।
सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल सबसे पहले सदर स्थित गोस्वामी तुलसी दास मंदिर में आयोजित सुन्दर काण्ड पाठ व आरती में शामिल हुए। इसके बाद प्रसाद वितरण कर भण्डारे का शुभारम्भ किया। यहां पर प्रसाद निर्माण,वितरण व स्वच्छता की सराहना की। इस अवसर पर डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि प्रसाद जमीन पर गिरना नहीं चाहिए और गंदगी भण्डारा स्थल पर दिखनी नहीं चाहिए। उन्होंने मंगलमान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बड़ा मंगल हमारी आस्था, सेवा एवं समरसता का प्रतीक है। बड़े मंगल पर ऐसा भक्ति का उल्लास कहीं देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि बड़ा मंगल पर्व की महानता को और बढ़ाएं।
पर्यावरण गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक गोपाल आर्य ने प्रसाद निर्माण से लेकर,वितरण व्यवस्था और स्वच्छता के मानकों को बारीकी से देखा। उन्होंने स्वच्छ और हरित भण्डारे का आग्रह किया।
मंगलमान अभियान के संयोजक डॉ. रामकुमार तिवारी ने कहा कि आयोजकों से प्लास्टिक मुक्त भण्डारे की अपील की गयी है। पालीथीन,प्लास्टिक गिलास,प्लास्टिक चम्मच और प्लेट का उपयोग न करें ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक परम्परा का मान भी बढ़े। उन्होंने कहा कि सेवा,स्वच्छता और संस्कार मंगलमान अभियान का मंत्र है। यह अभियान भक्ति को नागरिक कर्तव्यों से जोड़ता है।
प्रशान्त भाटिया ने कहा कि आयोजक प्लास्टिक के स्थान पर पत्तल या स्टील प्लेट की व्यवस्था करें। कचरे के लिए डस्टबिन रखें। लाउडस्पीकर की आवाज कम रखें। उतना ही लें जितना खा सकें। सड़कों पर गंदगी न करें और जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाएं तभी बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल होगा।
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