भाजपा का आंतरिक लोकतंत्र इसे एक अलग पार्टी के रूप में अलग करता है

जम्मू, 27 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने संगठन के हर स्तर पर समावेशिता और पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए आंतरिक लोकतंत्र के चैंपियन के रूप में खुद को अलग पहचान दिलाती रही है। पार्टी के मुख्य नारे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास पर प्रकाश डालते हुए जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता रजनी सेठी ने सभी के लिए समान अवसर, प्रतिनिधित्व और विकास के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

रजनी सेठी ने भाजपा के अनूठे शासन मॉडल को रेखांकित किया जहां उनके अनुसार नेतृत्व वंशवादी या केंद्रीकृत मॉडल के बजाय एक संरचित चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से अर्जित किया जाता है। उन्होंने अहा कि पिछले दो महीनों में पार्टी ने आंतरिक चुनाव आयोजित किए हैं जो जमीनी स्तर पर बूथ अध्यक्षों के चयन से शुरू हुए और राज्य और राष्ट्रीय अध्यक्षों के चुनाव में समाप्त हुए।

इस समावेशी प्रणाली में जिला अध्यक्ष, राज्य परिषद के सदस्य और वरिष्ठ नेता राज्य अध्यक्ष के लिए मतदाता के रूप में शामिल होते हैं, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राज्य अध्यक्ष, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और वरिष्ठ नेता करते हैं। यह सावधानीपूर्वक प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि नेतृत्व योग्यता और आम सहमति पर आधारित हो जिससे भाजपा आंतरिक लोकतंत्र के लिए एक आदर्श बन जाती है। जमीनी स्तर पर नेतृत्व और सामूहिक निर्णय लेने को बढ़ावा देने के लिए भाजपा का समर्पण इसकी विश्वसनीयता और लोगों के साथ जुड़ाव को मजबूत करता है। अपने कार्यकर्ताओं के भीतर लोकतंत्र को संस्थागत रूप देकर भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के एक सच्चे प्रतिनिधि और लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए पार्टी के रूप में अपनी पहचान को मजबूत करती है।

   

सम्बंधित खबर