लोकतंत्र की रक्षा में संघ और सामान्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अतुलनीय: सुनील आंबेकर

लोकतंत्र की रक्षा में संघ और सामान्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अतुलनीय: सुनील आंबेकरआर एस एस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अपना सम्बोधन करते हुए

-सुनील आंबेकर ने कहा-आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, जनसंघर्ष ने 19 माह में तानाशाही को किया परास्त

पटना, 24 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। यह केवल राजनीतिक असहमति को दबाने का प्रयास नहीं था, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक स्वतंत्रताओं और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी जनसंघर्ष, जन-जागरण और लोकतंत्र के प्रति जनता की प्रतिबद्धता के कारण मात्र 19 महीनों में तानाशाही प्रवृत्तियों को परास्त कर देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।

   

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