ब्रिक्स विदेश मंत्री सम्मेलन में ईरान, यूएई के मंत्री भी आएंगे
- DSS Admin
- May 12, 2026
नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। भारत 14 और 15 मई काे ब्रिक्स के सदस्य देशाें के विदेश मंत्रियाें की बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अंतरराष्ट्रीय सहयाेग राज्यमंत्री रीम बिंत इब्राहिम अल हाशमी के हिस्सा लेने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज यहां नियमित ब्रीफिंग में बताया, भारत 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करेगा। इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। ब्रिक्स के विदेश मंत्री और सदस्य तथा साझीदार देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख इस बैठक में हिस्सा लेंगे। ब्रिक्स देशों के कई विदेश मंत्री इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए आज दोपहर तक यहां पहुंचेंगे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाक़ात करेंगे।
जायसवाल ने कहा, बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे। दूसरे दिन, ब्रिक्स सदस्य और साझीदार देश 'ब्रिक्स के 20 साल: लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' विषय पर आधारित एक सत्र में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधारों पर एक सत्र होगा। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों ने अपनी पिछली बैठक 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान की थी। इस बैठक की अध्यक्षता भारत ने ब्रिक्स 2026 के आगामी अध्यक्ष के तौर पर की थी।
दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में आने वाले देशाें के संबंध में एक सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, यह फैसला ब्रिक्स देशाें काे करना है कि ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में उनकी तरफ़ से प्रतिनिधित्व कौन करेगा। हालांकि, जैसे-जैसे प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचेंगे, आपको इस बात की जानकारी दी जाएगी कि उनकी संबंधित टीमों का नेतृत्व कौन कर रहा है और कार्यवाही में कौन-कौन हिस्सा ले रहा है।
ब्रिक्स की सदस्यता के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिक्स सर्वसम्मति के आधार पर काम करता है। इसलिए सदस्यता के मामले में क्या करना है, यह तय करने का अधिकार ब्रिक्स देशों का ही है। हाल ही में इसका विस्तार हुआ है। साझीदार देशों का विस्तार कज़ान में हुआ था और उससे पहले जोहान्सबर्ग में हुआ था। कई अन्य देश भी ब्रिक्स समूह में शामिल हुए हैं। इसलिए यह एक ऐसा मामला है जिस पर ब्रिक्स समूह अपने सदस्यों के बीच बनी सर्वसम्मति के आधार पर ही कोई फ़ैसला लेगा।
बाद में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची एवं यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयाेग राज्यमंत्री रीम बिंत इब्राहिम अल हाशमी के आने की सूचना है।
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